पोंजी घोटाला: मुंबई और भोपाल में सागा ग्रुप के ठिकानों पर ईडी का छापा, 30 करोड़ के शेयर, सोना और लग्जरी गाड़ियां जब्त

मुंबई और भोपाल में सागा ग्रुप के ठिकानों पर ईडी का छापा, 30 करोड़ के शेयर, सोना और लग्जरी गाड़ियां जब्त
  • 10 हजार करोड़ रुपए का है घोटाला
  • 13 से 16 अगस्त के बीच ली गई तलाशी
  • दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए

Mumbai News. सागा ग्रुप पोंजी स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई और भोपाल में 13 से 16 अगस्त के बीच छापेमारी की है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई कार्रवाई सागा ग्रुप और लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई। समूह के मुख्य कर्ताधर्ता समीर अग्रवाल व सहयोगियों के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों में गहन जांच की गई। ईडी को अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। कार्रवाई के दौरान 1.53 करोड़ नकद व लगभग 35 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा बरामद हुई। 5.25 करोड़ के आभूषण तथा सोना-चांदी के बिस्कुट जब्त किए गए हैं। विभिन्न लिस्टेड कंपनियों के शेयर, म्यूचुअल फंड्स, बीमा पॉलिसी और बैंक बैलेंस के रूप में 30 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई है। आरोपी के सहयोगियों के ठिकानों से 9 लग्जरी गाड़ियां जब्त की गई हैं। मुख्य आरोपी अग्रवाल विदेश भाग चुका है।

3 से 5 साल में रकम दोगुना-तिगुना करने का झांसा

ईडी की जांच उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में एलयूसीसी और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के खिलाफ दर्ज दर्जनों एफआईआर पर आधारित है। जांच में पता चला कि 2009 से ही सागा ग्रुप के सीएमडी अग्रवाल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम लोगों को जाल में फंसाया। रिकरिंग डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम के जरिए निवेशकों से लुभावने दावे किए। निवेशकों को 3 से 5 वर्ष के भीतर रकम दोगुना या तीन गुना करने का लालच दिया जाता था। महंगे उपहार का वादा भी किया जाता था।

विलासिता पर उड़ाई गाढ़ी कमाई

सागा ग्रुप पर देश भर में निवेशकों से 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी के आरोप हैं। पहले कुछ निवेशकों को वादे के मुताबिक रिटर्न दिया गया। लेकिन बाद में पैसे की हेराफेरी कर दी गई। अग्रवाल और उसके सहयोगियों ने विलासिता, लग्जरी लाइफस्टाइल पर आम लोगों की गाढ़ी कमाई खर्च कर दी। पैसे ठिकाने लगाने के लिए 50 से अधिक फर्जी कंपनियां खोली गईं।

Created On :   18 Aug 2026 8:49 PM IST

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