केंद्र और बंगाल सरकार की 21 सितंबर को बैठक, मछली पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर
नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार का मत्स्य पालन विभाग राज्य में मछली पालन की अपार और अब तक इस्तेमाल न की गई संभावनाओं के लिए एक रोडमैप तैयार करने के मकसद से 21 सितंबर को कोलकाता में एक समीक्षा बैठक आयोजित कर रहा है। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह बताया गया है।
केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी संयुक्त रूप से इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मत्स्य पालन क्षेत्र में टिकाऊ और समावेशी विकास को गति देने के लिए प्राथमिकता वाले कदमों की पहचान करने और केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
यह बैठक पश्चिम बंगाल में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य के विकास के लिए मुख्य क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करेगी।
भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य पालन विभागों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ प्रमुख मत्स्य अनुसंधान, नियामक और वित्तीय संस्थानों के साथ बातचीत से उत्पादन बढ़ाने, एक्वाकल्चर का विस्तार करने, तकनीक अपनाने, बुनियादी ढांचे के विकास, संस्थागत सहयोग को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा में मदद मिलेगी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में एकीकृत जलाशय विकास के लिए प्रशासनिक मंजूरी सौंपी जाएगी।
देश का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल ने 2025-26 में भारत के कुल मछली उत्पादन में 25.43 लाख टन का योगदान दिया। विभिन्न योजनाओं के तहत 617 करोड़ रुपए के निवेश ने उत्पादन तकनीकों, कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे, प्रसंस्करण और क्षमता निर्माण को मजबूत करके उत्पादन बढ़ाने में मदद की। इन पहलों ने 30 लाख से अधिक मछुआरों को आजीविका के अवसर प्रदान किए और मूल्य श्रृंखला तथा बाजार तक पहुंच द्वारा समर्थित एक मजबूत मत्स्य पालन इकोसिस्टम विकसित किया।
भारत सरकार ने 34 मत्स्य उत्पादन और प्रसंस्करण क्लस्टर को भी अधिसूचित किया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में एक सूखी मछली क्लस्टर भी शामिल है।
मत्स्य पालन विभाग मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) और मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रहा है, साथ ही विभिन्न पहलों के माध्यम से राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र के डिजिटलीकरण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इस समीक्षा बैठक से केंद्र और राज्य सरकारों और प्रमुख हितधारक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से पश्चिम बंगाल के मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इस चर्चा से हस्तक्षेप के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने, प्रमुख मत्स्य पालन योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को मजबूत करने, तकनीक-आधारित और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने और मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला में निवेश बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बयान में कहा गया है कि इस बैठक से मछुआरों की आजीविका में सुधार, मछली उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, बाजार संपर्क को मजबूत करने, सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देने, कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में सुधार और राज्य में एक मजबूत, समावेशी और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी मत्स्य पालन क्षेत्र के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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Created On :   20 Sept 2026 6:42 PM IST












