आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के दिए निर्देश
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की समस्याओं का समाधान तलाशने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
यह फैसला केंद्रीय कृषि मंत्री के हालिया आंध्र प्रदेश दौरे के बाद लिया गया, जहां किसानों ने उन्हें बताया कि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) उद्योग में बड़े पैमाने पर उपयोग होने वाली तोतापुरी आम की किस्म के दाम पिछले कुछ महीनों में काफी गिर गए हैं।
किसानों ने बताया कि कीमतों में लगातार गिरावट से उनकी आय पर गंभीर असर पड़ा है और आम उत्पादक किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए कृषि मंत्री ने आईसीएआर को वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिया है, जो तोतापुरी आम से जुड़े पूरे क्षेत्र का व्यापक अध्ययन करेगी।
समिति को खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू व्यापार और निर्यात सहित पूरी वैल्यू चेन का विश्लेषण करने और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के दीर्घकालिक एवं टिकाऊ विकास के लिए उपयुक्त सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कृषि मंत्री ने समिति को निर्देश दिया है कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करे। इस दौरान समिति किसानों, प्रोसेसिंग उद्योग के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, राज्य के बागवानी विभाग के अधिकारियों, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन करेगी।
समिति तोतापुरी आम की खेती की वर्तमान स्थिति, उत्पादन लागत, किसानों की आय, प्रसंस्करण क्षमता और उसके उपयोग, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में आई गिरावट के कारणों का अध्ययन करेगी।
इसके अलावा, समिति वैल्यू चेन के विभिन्न चरणों में मौजूद चुनौतियों का आकलन करेगी और दक्षता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने तथा बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के अवसरों की पहचान करेगी।
मैदानी निरीक्षण, हितधारकों से चर्चा और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारणों का उल्लेख होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार साक्ष्य-आधारित नीतिगत फैसले लेकर किसानों के हित में आवश्यक कदम उठा सकेगी।
आईसीएआर-केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच), लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन करेंगे।
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Created On :   3 July 2026 6:56 PM IST












