केरल मुख्यमंत्री विजयन ने 'भाजपा के साथ मिलीभगत' के आरोप का खंडन किया

केरल मुख्यमंत्री विजयन ने भाजपा के साथ मिलीभगत के आरोप का खंडन किया
विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक खींचतान के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के उन आरोपों का करारा जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि उनकी पार्टी कुछ चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के साथ गुप्त समझौता कर रही है।

तिरुवनंतपुरम, 26 मार्च (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक खींचतान के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के उन आरोपों का करारा जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि उनकी पार्टी कुछ चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के साथ गुप्त समझौता कर रही है।

विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बार-बार यह आरोप लगाया है। इन सभी का दावा है कि सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भाजपा के बीच केरल की लगभग 10 विधानसभा सीटों पर गुप्त समझौता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तीखी टिप्पणी और साझा की गई तस्वीरों के माध्यम से जवाब देते हुए विजयन ने सतीशन के अतीत पर ध्यान केंद्रित किया और आरएसएस से उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने पूछा कि 2006 में परवूर में आरएसएस द्वारा आयोजित एमएस गोलवलकर जन्म शताब्दी समारोह में सतीशन की अतिथि के रूप में उपस्थिति के पीछे का सच क्या था, जहां उन्होंने गोलवलकर के चित्र के सामने सिर झुकाकर औपचारिक दीप प्रज्वलित किया था।

विजयन ने सतीशन पर आरोप लगाया कि जब भी 2006 की घटना का जिक्र होता है, तो वे 2013 की एक अन्य घटना का हवाला देकर इस मुद्दे पर सवालों से बचते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्मनिरपेक्ष केरल के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सतीशन गोलवलकर के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पीछे क्या स्पष्टीकरण दें। गोलवलकर आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक थे और उन्होंने सबसे लंबे समय तक इस पद पर कार्य किया था।

विजयन ने बताया कि यह कार्यक्रम फरवरी 2006 में परवूर के मनक्कापडी स्कूल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आयोजित किया गया था, जिससे इसके राजनीतिक संदर्भ पर सवाल उठते हैं।

उन्होंने आगे हिंदू ऐक्य वेदी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा 2022 में किए गए खुलासे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सतीशन ने 2001 और 2006 के विधानसभा चुनावों के दौरान आरएसएस का समर्थन मांगा था।

विजयन ने कहा कि सतीशन ने अभी तक इन दावों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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Created On :   26 March 2026 6:17 PM IST

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