575 करोड़ रुपए के जेट और हेलीकॉप्टर सौदे पर कांग्रेस के सवाल, मध्य प्रदेश सरकार से मांगा खर्च का ब्योरा

575 करोड़ रुपए के जेट और हेलीकॉप्टर सौदे पर कांग्रेस के सवाल, मध्य प्रदेश सरकार से मांगा खर्च का ब्योरा
कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 575 करोड़ रुपए की संयुक्त लागत से एक जेट और एक हेलीकॉप्टर की खरीद पर सवाल उठाया। यह खरीद राज्य के कर्ज के बोझ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले महिला समूहों को मानदेय भुगतान में देरी के बीच की गई है।

भोपाल, 23 ​​अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 575 करोड़ रुपए की संयुक्त लागत से एक जेट और एक हेलीकॉप्टर की खरीद पर सवाल उठाया। यह खरीद राज्य के कर्ज के बोझ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले महिला समूहों को मानदेय भुगतान में देरी के बीच की गई है।

कांग्रेस ने खरीद अनुबंधों, भुगतानों और अतिरिक्त खर्चों का खुलासा करने की मांग की।

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि विमानों की कीमतों में वृद्धि और उनके आंतरिक साज-सज्जा पर किए गए खर्च से पारदर्शिता और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की खर्च करने की प्राथमिकताओं पर सवाल उठते हैं।

नायक ने पूछा, “जब नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं तो सरकार को जनता के पैसे से इतना महंगा विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने की क्या जरूरत थी?”

उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने 10 जुलाई, 2024 को इन खरीदों को मंजूरी दी थी। जेट की शुरुआती लागत लगभग 234 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर 350 करोड़ रुपए हो गई, जबकि हेलीकॉप्टर की कीमत 125 करोड़ रुपए से बढ़कर 225 करोड़ रुपए हो गई।

नायक ने दावा किया कि जेट के इंटीरियर को कस्टमाइज करने पर लगभग 60 करोड़ रुपए और हेलीकॉप्टर के इंटीरियर पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए। उन्होंने सीमा शुल्क, जीएसटी, बीमा और अन्य घटकों पर हुए खर्च का विवरण, निविदा दस्तावेज, अनुबंध और भुगतान रिकॉर्ड की मांग की।

मध्य प्रदेश के कर्ज के बोझ तले भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मिड-डे मील तैयार करने वाली महिला समूहों को मानदेय भुगतान में देरी की शिकायतों का हवाला दिया।

उन्होंने ठेकेदारों के लंबित भुगतानों और अधूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा लोगों की जरूरतों पर खर्च किया जाना चाहिए, न कि ऐसी सुविधाओं पर जिनकी आवश्यकता और लागत ही गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।”

नायक ने सतना और मैहर में 3,200 करोड़ रुपए की पेयजल योजना का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि गांवों में पानी की कमी जारी रहने के बावजूद काफी धनराशि निकाल ली गई है।

उन्होंने किए गए कार्यों का विवरण और परियोजना पूर्ण करने की समय सीमा की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी विमान खरीद में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, जिनमें 100 करोड़ रुपए का कमीशन भी शामिल है, और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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