सेना के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने की साजिश, पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में किया साझा

सेना के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने की साजिश, पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में किया साझा
भारतीय सेना के नाम पर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला सामने आया है। पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया एकाउंट् ने यह अफवाह फैलाई कि भारतीय सेना ने 23 अक्टूबर की सुबह ‘कॉकरोच पार्टी’ के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें दो युवाओं की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए।

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के नाम पर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला सामने आया है। पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया एकाउंट् ने यह अफवाह फैलाई कि भारतीय सेना ने 23 अक्टूबर की सुबह ‘कॉकरोच पार्टी’ के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें दो युवाओं की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए।

पोस्ट में यह भी झूठा संकेत दिया गया कि सेना ने जेन-जी यानी नई पीढ़ी के युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। भारतीय सेना की तथ्य-जांच इकाई ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी व निराधार बताया है। भारतीय सेना इस फर्जी वीडियो की असलियत सामने रखी है।

सेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस झूठे दावे के साथ साझा किया जा रहा वीडियो 23 अक्टूबर का नहीं, बल्कि 17 अक्टूबर 2026 का है। यह वीडियो दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस दिन विश्वविद्यालय में यूनियन की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल चल रही थी। वीडियो में स्थानीय सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों को प्रदर्शन से जुड़ी स्थिति संभालते हुए देखा जा सकता है। वहां सेना की कोई मौजूदगी या तैनाती नहीं थी।

सेना की तथ्य-जांच के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट में पुराने वीडियो को गलत संदर्भ के साथ पेश किया गया। इसके साथ दो लोगों की मौत और सात युवाओं के घायल होने का झूठा दावा भी जोड़ दिया गया, जबकि जामिया में 17 अक्टूबर को हुई घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। इस तरह एक विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शन के वीडियो को भारतीय सेना की कार्रवाई से जोड़कर भ्रामक कहानी फैलाने की कोशिश की गई।

पोस्ट में यह भी गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया कि सेना जेन-जी युवाओं के खिलाफ खड़ी हो गई है। भारतीय सेना की तथ्य-जांच इकाई ने आरोप लगाया कि यह भ्रामक जानकारी पाकिस्तान से जुड़े एक सोशल मीडिया एकाउंट से प्रसारित की गई।

सेना के अनुसार, इस सोशल मीडिया अकाउंट ने भारतीय नाम का इस्तेमाल किया है। पोस्ट फैलाने के लिए इस्तेमाल किए गए अकाउंट का नाम इंडियन तिवारी 011 बताया गया है। इससे पहले इंडियन तिवारी 01 नाम वाले अकाउंट को अफवाह फैलाने के कारण रोका गया था।

सेना ने इस नए अकाउंट को पहले रोके गए इंडियन तिवारी 01 अकाउंट का वैकल्पिक रूप बताया है। इस मामले में भ्रामक जानकारी फैलाने का तरीका भी सामने आया है। इसमें पहले एक पुराने विरोध प्रदर्शन का वीडियो लिया गया, फिर उसे नई घटना बताकर पेश किया गया।

इसके बाद मौतों और घायलों की संख्या के अपुष्ट दावे जोड़े गए और पूरी घटना को भारतीय सेना की कार्रवाई से जोड़ दिया गया। जबकि सेना का इन सब घटनाओं में कोई रोल नहीं रहा है।

भारतीय सेना ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। केवल वीडियो देखकर उसके समय, स्थान या उसमें दिखाई दे रही घटना के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। गलत संदर्भ में पेश किया गया वास्तविक वीडियो भी लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एमएस

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