साइबराबाद पुलिस ने पाक्सो मामले में फरार बंदी भागीरथ की तलाश में टीमें भेजीं
हैदराबाद, 14 मई (आईएएनएस)। साइबराबाद पुलिस ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री बंदी संजय के बेटे बंदी भागीरथ की तलाश में दिल्ली और करीमनगर में टीमें भेजी हैं, जो कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में शामिल है।
भागीरथ बुधवार को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद पेश नहीं हुआ जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और करीमनगर में टीमें भेजीं।
बताया जा रहा है कि पेट बशीराबाद पुलिस ने भागीरथ के चाचा को करीमनगर में दूसरा नोटिस भेजा क्योंकि वहीं उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन मिली थी।
भागीरथ ने बुधवार को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को एक पत्र भेजकर पेश होने के लिए दो दिन का समय मांगा।
केंद्रीय मंत्री के बेटे ने अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। उसकी याचिका पर गुरुवार को अवकाशकालीन पीठ में सुनवाई होनी है।
भागीरथ के वकील अदालत में यह दलील देने वाले हैं कि लड़की नाबालिग नहीं है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो कानून लागू नहीं होता। आरोपित की कानूनी टीम के पास कथित तौर पर पीड़िता की वास्तविक उम्र से जुड़े ऐसे दस्तावेज हैं, जो पहले एक सड़क दुर्घटना मामले में अदालत में पेश किए गए थे।
इसी बीच करीमनगर में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भागीरथ फरार है। लोगों से अपील की गई है कि यदि वह कहीं दिखाई दे तो पुलिस को सूचना दें।
पोस्टरों में भागीरथ और उसके पिता बंदी संजय की तस्वीरें हैं, जो करीमनगर से सांसद हैं। ऐसे ही पोस्टर बुधवार को हैदराबाद के कुछ हिस्सों में भी लगाए गए थे। हालांकि यह पता नहीं चल पाया कि इनके पीछे कौन है।
8 मई को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में भागीरथ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर 17 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर कि भागीरथ ने मोइनाबाद स्थित एक फार्महाउस में उसका यौन शोषण किया, पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। सोमवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
उसी दिन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रितिराज को जांच की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने मंगलवार को पीड़िता से बात कर अधिक जानकारी जुटाई।
इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की और कड़ी धाराएं जोड़ दीं। एफआईआर में धारा 5(1) सहपठित धारा 6 शामिल की गई, जो गंभीर यौन उत्पीड़न से संबंधित है। इसके तहत 20 साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है।
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Created On :   14 May 2026 3:57 PM IST












