जयशंकर ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से मुलाकात की, भारत-ईएफटीए समझौते से मिलने वाले अवसरों पर हुई चर्चा

जयशंकर ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से मुलाकात की, भारत-ईएफटीए समझौते से मिलने वाले अवसरों पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों के साथ-साथ भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत उभर रहे नए अवसरों पर चर्चा की।

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों के साथ-साथ भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत उभर रहे नए अवसरों पर चर्चा की।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "लिकटेंस्टीन के युवराज एलोइस के भारत दौरे के दौरान उनसे मुलाकात करके खुशी हुई। भारत और लिकटेंस्टीन के बीच साझेदारी कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है और इसमें भारत-ईएफटीए टीईपीए से मिलने वाले अवसर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"

उन्होंने आगे ल‍िखा, "आज बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी होने वाली बैठक का भी इंतजार है, जिससे दोनों देशों के सहयोग को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।"

इससे पहले मंगलवार को प्रिंस एलोइस का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

प्रिंस एलोइस ने कहा कि भारत की राजकीय यात्रा पर आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा क‍ि इस अद्भुत देश की पहली राजकीय यात्रा के अवसर पर भारत आकर मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह ऐतिहासिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ अपने रिश्तों को कितना महत्व देता है।

भारत के साथ हुए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) का जिक्र करते हुए प्रिंस एलोइस ने इसे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा क‍ि हम इस गति को आगे बढ़ाने और भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि नवाचार, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों और कई अन्य क्षेत्रों में हमारे देशों की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इन्हें साथ लाकर हम दोनों देशों के लंबे समय के हित में काम कर सकते हैं।

प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया। उनके साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफिया, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के शीर्ष व्यावसायिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

मंगलवार को प्रिंस एलोइस की हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक होनी है। इस दौरान दोनों पक्ष व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मंगलवार को प्रिंस एलोइस से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का भी आयोजन करेंगी।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते सहयोग को और गति देने में मदद करेगी, खासकर 2025 में भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद।

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