केंद्र का को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा ऐलान, तीन साल तक मिलेगी टैक्स छूट

केंद्र का को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा ऐलान, तीन साल तक मिलेगी टैक्स छूट
केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा ऐलान किया गया। अब नेशनल को-ऑपरेटिव फेडरेशन से आने वाली डिविडेंड आय पर तीन साल की टैक्स छूट मिलेगी। इस कदम का उद्देश्य देश के छोटे को-ऑपरेटिव को मजबूत करना है।

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा ऐलान किया गया। अब नेशनल को-ऑपरेटिव फेडरेशन से आने वाली डिविडेंड आय पर तीन साल की टैक्स छूट मिलेगी। इस कदम का उद्देश्य देश के छोटे को-ऑपरेटिव को मजबूत करना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि इस टैक्स छूट का उद्देश्य को-ऑपरेटिव में कम हिस्सेदारी वाले सदस्यों को प्रोत्साहन देना है, जिससे अधिक संख्या में लोग को-ऑपरेटिव से जुड़े।

वित्त मंत्री ने कहा कि को-ऑपरेटिव, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और किसान मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

फाइनेंस बिल पर चर्चा के दौरान बोलते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि समावेशी विकास के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और को-ऑपरेटिव को सशक्त बनाना आवश्यक है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “ये क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, और विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में रोजगार सृजन में सहायक हैं।”

वित्त मंत्री ने फाइनेंस बिल में डेटा सेंटर सेवाओं से संबंधित एक नए प्रावधान के बारे में भी बताया।

वित्त मंत्री के मुताबिक, सेफ हार्बर नियम के तहत, संबंधित विदेशी संस्थाओं को ऐसी सेवाएं प्रदान करने वाली भारतीय कंपनियों को लागत पर 15 प्रतिशत का मार्जिन मिलेगा।

सीतारमण ने कहा, "इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारत में परिचालन वास्तविक और लाभदायक बना रहे, साथ ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के बिना फर्जी संस्थाओं के निर्माण को रोका जा सकेगा।"

सरकारी वित्त को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में केंद्र ने उपकर और अधिभार के रूप में एकत्र की गई राशि से अधिक खर्च किया है, जो दर्शाता है कि निधियों का उपयोग जन कल्याण के लिए किया जा रहा है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे घोषणा की कि तकनीकी चूक के लिए लगने वाले जुर्माने को अब निश्चित शुल्क में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "इस कदम से व्यवसायों के लिए अनिश्चितता कम होने और अनुपालन आसान होने की उम्मीद है।"

एक अन्य उपाय के रूप में, सरकार ने हवाई अड्डों पर विवादों को कम करने और यात्रियों के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए यात्री भत्तों को युक्तिसंगत बनाया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करना, व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक विकास से समाज के व्यापक वर्ग को लाभ मिले।

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Created On :   25 March 2026 2:18 PM IST

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