गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे, 2027 के लक्ष्य का 90 प्रतिशत पूरा

गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे, 2027 के लक्ष्य का 90 प्रतिशत पूरा
केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही, मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लक्ष्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है।

गांधीनगर, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही, मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लक्ष्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है।

इन सोलर सिस्टमों की कुल क्षमता 3,408 मेगावाट है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में गुजरात देश का अग्रणी राज्य बन गया है।

राज्य में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कुल रूफटॉप सोलर क्षमता का 18.21 प्रतिशत हिस्सा है। यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है, जब राज्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और बिजली के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को तेज कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। वहीं, देश का लक्ष्य 2030 तक अपनी बिजली की 50 प्रतिशत जरूरतें अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरी करना है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से राज्य सरकार वित्तीय सहायता और नियामकीय रियायतें प्रदान करती है। छह किलोवाट तक के सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को नियामकीय शुल्क के रूप में 2,950 रुपए की सहायता प्राप्त होती है।

सरकार ने 'नेटवर्क मजबूत करने के शुल्क' को भी माफ कर दिया है और 'नेट मीटरिंग एग्रीमेंट' की अनिवार्यता को भी हटा दिया है। छोटे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगाना और भी सस्ता हो सके, इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी गई है।

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को 2.18 किलोवाट-पीक तक की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए निर्धारित लागत का केवल पांच प्रतिशत योगदान देना होगा। अन्य उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत योगदान देना होगा।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता और उपभोक्ता के योगदान को घटाने के बाद, तय लागत की बाकी बची राशि का खर्च राज्य सरकार उठाती है। राज्य ने आवासीय उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना और आसान बनाने के लिए कुछ प्रावधान भी पेश किए हैं।

अपनी सोलर नीति के तहत, घर वाले 'नेट मीटरिंग' का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को वापस दी गई अतिरिक्त बिजली, दोनों का हिसाब रखा जाता है।

घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए 'कनेक्टेड लोड' की कोई सीमा नहीं है। साथ ही, घर वाले अपने सिस्टम से पैदा हुई अतिरिक्त बिजली को बेच भी सकते हैं। सरकार ने बताया कि "घरेलू उपभोक्ताओं को बैंकिंग शुल्क से भी छूट दी गई है।"

रूफटॉप सोलर के अलावा, गुजरात ने पूरे राज्य में काफी बड़ी मात्रा में अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल की है। इस साल 30 सितंबर तक, राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 55,511.46 मेगावाट थी, जो देश की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता का 18.55 प्रतिशत है।

राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता में सोलर पावर का हिस्सा 36,234.55 मेगावाट है, जो भारत की कुल सोलर क्षमता का 21.2 प्रतिशत है। वहीं, पवन ऊर्जा की क्षमता 17,043.76 मेगावाट है, जो देश की कुल पवन ऊर्जा क्षमता का 28.8 प्रतिशत है।

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