तीखा हमला: पालकमंत्री बावनकुले ने कहा - कांग्रेस को बोगस मतदान से जीत की आदत, तभी एसआईआर का विरोध

पालकमंत्री बावनकुले ने कहा - कांग्रेस को बोगस मतदान से जीत की आदत, तभी एसआईआर का विरोध
  • आज से लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान
  • 5 को निकलेगा मोर्चा
  • देश में पहली बार एसआईआर नहीं हुआ है

डिजिटल डेस्क, नागपुर. कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन द्वारा एसआईआर को मुद्दा बनाकर देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के जवाब में भाजपा ने भी सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध जो काम कर रही है, उसका हम पर्दाफाश कर रहे हैं। देश में पहली बार एसआईआर नहीं हुआ है। 2002 में एसआईआर हो चुका है। एसआईआर के जरिये अचूक मतदाता सूची तैयार की जाती है, लेकिन कांग्रेस को बोगस मतदाताओं के जरिये चुनकर आने की आदत है। अगर अचूक मतदाता सूची आएगी तो इनकी आदत टूटेगी। इसलिए वह एसआईआर का विरोध कर रही है। विरोधियों की भूमिका पर प्रश्न निर्माण कर हम उनका जवाब देंगे।

सिविल लाइंस स्थित चिटणवीस सेंटर में आयोजित पत्र-परिषद में पालकमंत्री ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने प्रतीकात्मक संसद ली। हम जनता की संसद में जाएंगे। इसके लिए 2 नवंबर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। 2 नवंबर को सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर के साथ संवाद करेंगे। 3 नवंबर को प्रबुद्ध नागरिकों का सम्मेलन होगा। 4 नवंबर को युवा सम्मेलन होगा, जिसमें नीतेश राणे शामिल होंगे। 5 नवंबर को यशवंत स्टेडियम से संविधान चौक तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। हजारों लोग पदयात्रा में शामिल होंगे। पत्र-परिषद में महापौर नीता ठाकरे, विधायक कृष्णा खोपडे, परिणय फुके, संजय भेंडे, भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर, जयप्रकाश गुप्ता, अर्चना डेहनकर उपस्थित थे।

हार से सीखकर जीतेंगे

नागपुर स्नातक चुनाव में भाजपा को मिली हार की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए बावनकुले ने कहा कि मैं चुनाव प्रभारी था। इसलिए हार की जिम्मेदारी मेरी है। हार से हमने सीखा है और सीखकर जीतेंगे। अगली बार के लिए तैयारी करेंगे। यह अंतिम चुनाव नहीं है। भाजपा को पहली प्राथमिकता के वोट ज्यादा मिले हैं। हालांकि जो जीता, वहीं सिकंदर। हमारे विरोधियों ने दूसरे नंबर के वोट वंजारी को दिए। सुधाकर कोहले ने अच्छे ढंग से चुनाव लड़ा। पार्टा पदाधिकारियों ने पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ा, किंतु कुछ लोग समाज को भड़काने का काम कर रहे हैं। सूखे की परिस्थिति में कांग्रेस द्वारा जीतने के बाद शांति से जाना था, लेकिन जश्न मना कर उन्होंने किसानों के जख्म पर नमक छिड़का है।

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