बनी सहमति: आरटीओ में बनाया जाएगा ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सिस्टम, 101 पेड़ों की बलि की तैयारी

आरटीओ में बनाया जाएगा ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सिस्टम, 101 पेड़ों की बलि की तैयारी
  • साकार होने में लग सकता है लंबा वक्त
  • आवेदकों को मैनुअल ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना पड़ता है

डिजिटल डेस्क, नागपुर. पूरे देश में परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में पारदर्शिता और आधुनिकता लाने के लिए ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सिस्टम (एडीटीएस) का काम तेजी से चल रहा है। तीनों आरटीओ-शहर, पूर्व और ग्रामीण में भी इस हाईटेक ट्रैक को बनाने की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। हालांकि, नागपुर ग्रामीण आरटीओ में इस अत्याधुनिक सिस्टम के निर्माण में पेड़ों का अड़ंगा आ गया है। ट्रैक निर्माण के लिए 101 पेड़ों को काटने की आवश्यकता है, लेकिन इसके एवज में स्थानीय प्रशासन द्वारा 1,736 पौधे लगाने की शर्त रखने से इस परियोजना के पूरा होने में लंबा समय लगने की संभावना जताई जा रही है।

क्या है एडीटीएस

वर्तमान व्यवस्था के तहत लाइसेंस के लिए आवेदकों को मैनुअल ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों को ‘8' आकार के ट्रैक पर और चार पहिया वाहन चालकों को ‘एच', ‘8', स्पीड ब्रेकर, पार्किंग और रैम्प आदि की परीक्षाएं पास करनी होती हैं। अक्सर यह शिकायतें मिलती रही हैं कि, मैनुअल प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जाती, जिससे न केवल वाहन चालकों का समय बर्बाद होता है बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। इस समस्या के समाधान के लिए एडीटीएस लाया जा रहा है। इस नए सिस्टम में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे, जो मानवीय हस्तक्षेप को बेहद कम कर देंगे। इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो जाएगी। देश के अन्य राज्यों जैसे गुजरात के कुछ आरटीओ में इस प्रकार के ट्रैक पहले ही सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

साकार होने में लग सकता है लंबा वक्त

ग्रामीण आरटीओ परिसर में नया ट्रैक बनाने के लिए पर्याप्त जगह का अभाव है। इसके लिए वहां मौजूद 101 पेड़ों को हटाना अनिवार्य हो गया है। आरटीओ प्रशासन ने संबंधित विभाग से इसके लिए अनुमति मांगी थी। विभाग ने पेड़ों को काटने की अनुमति देने की एवज में एक बड़ी शर्त रखी है। 1,736 पौधारोपण करना अनिवार्य किया गया है। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार इस शर्त को पूरा करना वर्तमान में एक बड़ी चुनौती बन गया है। पौधारोपण करने के लिए अभी तक उचित और पर्याप्त जगह चिह्नित नहीं हो पाई है। इस वृहद स्तर पर पौधारोपण और उसकी देखरेख के लिए अभी तक किसी प्रकार का विशेष फंड आवंटित नहीं हुआ है। इन तमाम प्रशासनिक और व्यावहारिक अड़चनों के चलते नागपुर ग्रामीण आरटीओ में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सिस्टम के साकार होने में अभी और लंबा वक्त लग सकता है।

Created On :  

Tags

Next Story