असम गुवाहाटी में अंडरग्राउंड होंगी बिजली और संचार की तारें, 177 करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजना को मंजूरी

असम गुवाहाटी में अंडरग्राउंड होंगी बिजली और संचार की तारें, 177 करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजना को मंजूरी
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की। इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों पर ऊपर से गुजरने वाली बिजली और संचार की तारों को भूमिगत किया जाएगा।

गुवाहाटी, 27 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की। इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों पर ऊपर से गुजरने वाली बिजली और संचार की तारों को भूमिगत किया जाएगा।

सरमा ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य गुवाहाटी के आसमान और शहरी स्वरूप को बदलना है। शहर की सड़कों पर लटकती और उलझी हुई तारों को हटाया जाएगा, जिससे शहर अधिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परियोजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इससे बेहतर और व्यवस्थित शहरी वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने लिखा, ''आपकी आसमान की तस्वीरें सबसे खूबसूरत नजारों की हकदार हैं।''

मुख्यमंत्री की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, परियोजना को 177 करोड़ रुपए से अधिक की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई है। इसके तहत गुवाहाटी के पांच चिन्हित कॉरिडोर में करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा।

इन इलाकों में बिजली और संचार की ओवरहेड केबलों को हटाकर भूमिगत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे इन मार्गों का स्वरूप काफी हद तक बदलने की उम्मीद है।

परियोजना से बिजली के खंभों पर लटकती और सड़कों के ऊपर से गुजरने वाली तारों की समस्या को भी दूर करने में मदद मिलेगी। ऐसी तारें व्यस्त शहरी इलाकों की खूबसूरती को प्रभावित करती हैं।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि परियोजना से गुवाहाटी को अधिक साफ और व्यवस्थित शहर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसे शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ उसकी सुंदरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब गुवाहाटी तेजी से शहरी विस्तार की ओर बढ़ रहा है और बेहतर नागरिक सुविधाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है। गुवाहाटी असम का सबसे बड़ा शहरी केंद्र होने के साथ पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख प्रवेश द्वार भी है। बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते शहर की सड़कों, नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है।

अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना से चिन्हित कॉरिडोर में बिजली और संचार से जुड़े नेटवर्क को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे सड़कों के ऊपर अलग-अलग तारों के जाल से भी निजात मिल सकेगी।

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Created On :   27 Sept 2026 12:23 AM IST

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