मणिपुर के सेनापति में दो और नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या

मणिपुर के सेनापति में दो और नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या
मणिपुर के सेनापति जिले में अज्ञात आतंकवादियों ने दो और नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी।

इंफाल, 26 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के सेनापति जिले में अज्ञात आतंकवादियों ने दो और नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी।

शनिवार की यह घटना कामजोंग जिले में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा चार नागा समुदाय के पुरुषों की हत्या के दो दिन बाद हुई है।

इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार की हिंसक घटना नागा बहुल सेनापति जिले के कलाजन गांव में हुई। मृतकों की पहचान रॉकी माओ और कुमार पौमाई के रूप में हुई है। घायलों की पहचान 33 वर्षीय अदानी मानियो और 49 वर्षीय आशीहो सानी के रूप में हुई है, जिन्हें सेनापति जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और कई अन्य नेताओं ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की।

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, "आज सेनापति जिले के कलाजन गांव में अज्ञात आतंकवादियों द्वारा दो नागरिकों की हत्या और दो अन्य को घायल करने की मैं कड़ी निंदा करता हूं। यह हमला निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा का एक कायरतापूर्ण कृत्य है। घायल हुए दोनों व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए सेनापति के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"

उन्‍होंने कहा, “मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

बीरेन सिंह ने एक्‍स पोस्‍ट में कहा, “इस साल की शुरुआत से अब तक 60 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और हिंसा का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। सेनापति जिले के चाओवैनामई गांव के रॉकी और लाई शिराफी गांव के कुमार की हत्या बेहद चिंताजनक है।”

पूर्व सीएम ने कहा, “सशस्त्र उग्रवादियों ने उनके घर में घुसकर सोते समय उन्हें गोली मार दी। ये आम नागरिक थे जिन्हें निडर होकर जीने का अधिकार था।

उन्‍होंने कहा, “हम कब तक दोषियों को सजा दिलाने और बिगड़ती कानून व्यवस्था को नियंत्रण में लाने के बजाय शवों की गिनती करते रहेंगे? मैं शोक संतप्त परिवारों और प्रभावित गांवों के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।”

इस बीच, शुक्रवार को मणिपुर के कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए गए चार लोगों के शव मिले। तांगखुल नागा समुदाय से संबंधित सभी पीड़ितों की पहचान बेटर्सन जाजो, वेरीशिम जाजो, फामी जाजो और निंगथेम कशाक के रूप में की गई। फामी जाजो वेरेशिम जाजो का पुत्र था।

इम्फाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस और स्थानीय निवासियों की लंबी खोज के बाद म्यांमार सीमा के पास सुदूर पिलोंग गांव से दो शव बरामद किए गए, जिन पर गोलियों के निशान थे। यह गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से लगभग 34 किलोमीटर दूर स्थित है।

अधिकारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पड़ोसी देश म्यांमार से संदिग्ध आतंकवादी भारत में घुस आए और गुरुवार (24 सितंबर) को पांच ग्रामीणों के एक समूह पर हमला किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों में से एक भागने में कामयाब रहा और उसने स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी।

सितंबर में तामेंगलोंग, कांगपोकपी, नोनी और कामजोंग जिलों में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा किए गए अलग-अलग गोलीबारी हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं।

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Created On :   27 Sept 2026 12:03 AM IST

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