पिनाराई विजयन को हाई कोर्ट से झटका, एफआईआर दर्ज करने का आदेश
तिरुवनंतपुरम, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इस आदेश से सोमवार से शुरू होने वाले 16वें केरल विधानसभा के दूसरे सत्र के लिए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
नौ दिन के इस सेशन से 35 सदस्यों वाली एलडीएफ लेजिस्लेचर पार्टी को कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को घेरने का मौका मिलने की उम्मीद थी।
सीएमआरएल-एक्सलॉजिक फाइनेंशियल डीलिंग्स केस में कोर्ट के आदेश ने सदन की बैठक से पहले ही विजयन और सीपीआई (एम) को बैकफुट पर ला दिया है।
हाई कोर्ट ने विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, उनके पति और सीपीआई (एम) विधायक पीए मोहम्मद रियास और अन्य लोगों से जुड़े आरोपों पर एफआईआर दर्ज करने और जांच करने का निर्देश विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो को दिया है।
इस आदेश ने सीपीआई (एम) की लीडरशिप के लिए एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
दूसरी ओर, एलडीएफ मुख्यमंत्री सतीशन को कई मुद्दों पर उनके बदले हुए रुख को लेकर घेरने की तैयारी कर रही थी।
इनमें मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर से सफर, पीएम श्री स्कीम और अन्य मामले शामिल हैं, जिन पर सतीशन ने विपक्ष के नेता रहते हुए पिछली सरकार की आलोचना की थी।
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद, आरोपों के खिलाफ खुद का बचाव करते हुए विजयन के पुराने बयान भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं।
इस बीच, लेफ्ट फ्रंट अपने अंदरूनी मतभेदों से भी जूझ रहा है। खबरों के मुताबिक, एलडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी सीपीआई, डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन का पद न मिलने से नाराज है।
इस असहमति का असर एलडीएफ पार्लियामेंट्री पार्टी की बैठक पर पड़ा है, जो विधानसभा सत्र से पहले एक अहम प्रक्रिया होती है।
पलक्कड़ में एक वरिष्ठ सीपीआई (एम) नेता पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़े विवाद ने पार्टी की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। उस नेता को पिछले हफ्ते पार्टी के एक अहम पद से हटा दिया गया था। यह आरोप एक अलग राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।
इस तरह की घटनाओं ने सत्ता पक्ष को बैकफुट पर लाने का मौका विपक्ष को दे दिया है। एलडीएफ ने इस सत्र का इस्तेमाल कई मोर्चों पर सरकार को चुनौती देने के लिए करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब उसके सामने कोर्ट के आदेश से पैदा हुए राजनीतिक असर को संभालने और साथ ही अपने अंदरूनी मतभेदों को भी काबू में रखने की चुनौती है।
सत्र के लिए सिर्फ नौ दिन तय किए गए हैं और यह सीपीआई (एम) और उसके सहयोगियों के लिए बेहद मुश्किल राजनीतिक हालात के बीच शुरू होने जा रहा है।
स्पीकर तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि विधानसभा सत्र मुख्य रूप से विधायी कामकाज के लिए बुलाया जा रहा है।
राधाकृष्णन ने कहा कि 12 अक्टूबर को दो बिल पेश किए जाएंगे और सदन उन्हें विषय समिति को भेजने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। पंपा ब्लॉक के पूरा होने के साथ, जिसमें 60 फ्लैट हैं, सभी विधायकों को आरामदायक आवास आवंटित करना संभव हो जाएगा।
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Created On :   9 Oct 2026 6:20 PM IST












