भारत को 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का लक्ष्य रखना चाहिए नितिन गडकरी

भारत को 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का लक्ष्य रखना चाहिए नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत को जल्द ही ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि आयातित तेल पर निर्भरता कम हो सके, जो ईरान युद्ध जैसे भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के प्रति देश को संवेदनशील बनाता है।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत को जल्द ही ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि आयातित तेल पर निर्भरता कम हो सके, जो ईरान युद्ध जैसे भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के प्रति देश को संवेदनशील बनाता है।

मंत्री ने बताया कि भारत अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत आयात करता है।

केंद्रीय मंत्री ने इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में अपने संबोधन में कहा, "हम 22 लाख करोड़ रुपए के फॉसिल फ्यूल आयात करते हैं, जो प्रदूषण भी बढ़ाता है। इसलिए हमें वैकल्पिक ईंधन और बायो-फ्यूल के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "निकट भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आज ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है।"

2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) लॉन्च किया था। वर्तमान में भारतीय वाहन ई20 पेट्रोल पर थोड़े बदलाव के साथ चल सकते हैं, जिससे इंजन में जंग जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। ब्राजील जैसे देशों में 100 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का उपयोग होता है।

पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने की जरूरत पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, "हम लोगों को जबरदस्ती पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदने से नहीं रोक सकते।"

ई20 को लेकर सोशल मीडिया पर बढ़ती चिंताओं के बारे में उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम सेक्टर इस कदम के खिलाफ लॉबिंग कर रहा है।

उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों से कहा कि वे लागत के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें, इससे उन्हें नए बाजारों में जगह बनाने में मदद मिलेगी।

गडकरी ने यह भी कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, लेकिन इसे व्यावहारिक बनाने के लिए हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशनों की लागत कम करना जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा, "हाइड्रोजन के ट्रांसपोर्ट में दिक्कत है। साथ ही, हमें 1 किलो हाइड्रोजन को 1 डॉलर में तैयार करना होगा ताकि भारत ऊर्जा निर्यातक बन सके।" उन्होंने कचरे से हाइड्रोजन बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी पर ध्यान देकर भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (सीएएफई III) मानकों का इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   21 April 2026 8:26 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story