गेहूं की तय समर्थन कीमत और कृषि सुधारों की मांग को लेकर पाकिस्तान में किसानों का प्रदर्शन

गेहूं की तय समर्थन कीमत और कृषि सुधारों की मांग को लेकर पाकिस्तान में किसानों का प्रदर्शन
पाकिस्तान में छोटे किसानों ने देशभर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से गेहूं समेत फसलों के लिए गारंटीड समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है। किसानों ने गेहूं के लिए प्रति मन पांच हजार पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) की समर्थन कीमत तय करने मांग की।

इस्लामाबाद, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में छोटे किसानों ने देशभर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से गेहूं समेत फसलों के लिए गारंटीड समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है। किसानों ने गेहूं के लिए प्रति मन पांच हजार पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) की समर्थन कीमत तय करने मांग की।

ये प्रदर्शन 'पाकिस्तान किसान राब्ता कमेटी' (पीकेआरसी) के नेतृत्व में आयोजित किए गए। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और कम आमदनी के कारण ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उर्वरक, डीजल, बिजली और बीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि फसलों से मिलने वाला मुनाफा खर्च के मुकाबले बहुत कम है। इससे छोटे किसानों के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है।

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान किसानों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की उन आर्थिक नीतियों का भी विरोध किया, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे बाजार को ज्यादा खुला बनाने और सरकारी कृषि संस्थाओं को कमजोर करने का काम करती हैं।

किसानों की प्रमुख मांगों में एक मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था भी शामिल है, ताकि उन्हें बिचौलियों और बाजार पर पकड़ रखने वाले बड़े व्यापारिक समूहों के शोषण से बचाया जा सके। उन्होंने 'पाकिस्तान एग्रीकल्चरल स्टोरेज एंड सर्विसेज कॉरपोरेशन' (पीएएसएससीओ) को तुरंत बहाल करने की भी मांग की, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी सहारा मिल सके।

पीकेआरसी के अध्यक्ष तारिक महमूद और महासचिव रिफत मकसूद ने कहा कि छोटे किसान आर्थिक रूप से टूटने की कगार पर पहुंच गए हैं।

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन के संघीय समिति सदस्य फारूक तारिक ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा का सही रास्ता वास्तविक कृषि सुधारों से होकर जाता है। उन्होंने भूमिहीन किसानों को जमीन देने, पानी के निष्पक्ष वितरण और स्थानीय बीजों को बढ़ावा देने की बात कही।

इस बीच, पाकिस्तान में रबी सीजन की शुरुआत के साथ गेहूं की खेती भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, गेहूं उत्पादन की लागत बढ़कर 3,761 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन तक पहुंच गई है। साथ ही पानी की कमी के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी गेहूं भंडार की स्थिति और सरकार की ओर से अभी तक 'संकेतात्मक मूल्य' तय न किए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। इससे देश में खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (पीटीआई) किसान विंग के केंद्रीय सूचना सचिव खालिद नवाज सधराइच ने कहा कि सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए, नहीं तो कृषि संकट और गंभीर हो सकता है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में खेती और खाद्य उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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Created On :   19 Oct 2026 2:01 PM IST

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