पीएम मोदी की आगामी स्लोवाकिया यात्रा पर राजदूत मैक्सियन बोले, 'लैंडमार्क मोमेंट का इंतजार' (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन के अनुसार उनका देश उस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहा है जब उनकी धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कदम रखेंगे। स्लोवाक पीएम रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर पीएम मोदी 14-16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।
ये क्षण ऐतिहासिक है क्योंकि 1993 में आजाद होने के बाद से किसी भी भारतीय पीएम की यह पहली यात्रा है। आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत में मैक्सियन ने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का भरोसा जताया साथ ही उम्मीद भी कि दोनों देशों के बीच व्यावसायिक रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।
उन्होंने इसे लैंडमार्क मोमेंट यानी मील का पत्थर साबित होने वाले क्षण के तौर पर परिभाषित किया। कहा, " अब तक भारत और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्रियों की कभी मुलाकात नहीं हुई है, ऐसे में यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित होगी।"
राजदूत मैक्सियन ने उस नींव की बात की जो दोनों देशों के संबंधों को बढ़ाने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा, " दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। इसकी शुरुआत 2022 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की स्लोवाकिया यात्रा से हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच कई मुलाकातें हुईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अप्रैल 2022 में स्लोवाकिया का दौरा किया था, जबकि स्लोवाक राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी इसी वर्ष फरवरी में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए थे।"
स्लोवाक राजदूत के अनुसार, भारत-स्लोवाकिया के बीच कुछ समझौते हो सकते हैं। उन्होंने कहा, " प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से निवेश, व्यापार, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई),स्टूडेंट एक्सचेंज और श्रम गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। 15 जून को बैठक होगी और हम सब इसे लेकर तैयार हैं।" हालांकि उन्होंने इनके विवरण को फिलहाल गोपनीय रखा।
भारत-स्लोवाकिया साझेदारी पर राजदूत ने कहा, " यह यात्रा दोनों देशों की कंपनियों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों को और अधिक निकटता से काम करने के लिए प्रेरित करेगी। वर्तमान में यूरोपीय संघ की लगभग 6,000 कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और स्लोवाकिया भी भारत में अपनी व्यावसायिक उपस्थिति बढ़ाना चाहता है।"
दौरे के दौरान पीएम मोदी और उनके स्लोवाक समकक्ष रॉबर्ट फीको के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मिलेंगे।
भारत का विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इस दौरे से दोनों देशों के संबंध और मजबूत और प्रगाढ़ होंगे।
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Created On :   10 Jun 2026 2:03 PM IST












