तेलंगाना में जमीनी स्तर पर प्रजावाणी सेवाओं का होगा विस्तार सीएम रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने जन शिकायत निवारण पहल प्रजावाणी की सेवाओं को राज्य भर में जमीनी स्तर पर विस्तारित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों की याचिकाओं और शिकायतों के समाधान में इस प्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लागू करें।
उन्होंने ने रविवार को हैदराबाद के एमसीएचआरडी संस्थान में हुई बैठक में मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और सीएमओ के अधिकारियों को प्रजावाणी सेवाओं को जनता के करीब लाने और उन्हें अपनी शिकायतों के समाधान के लिए दूर हैदराबाद और जिला मुख्यालयों की यात्रा करने से राहत प्रदान करने का आदेश दिया।
सीएम रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पहले राजस्व मंडल स्तर पर प्रजावाणी सेवाएं शुरू करें और अगले चरण में मंडल स्तर पर भी इन सेवाओं का विस्तार करें। शीर्ष अधिकारियों को एक प्रशासनिक तंत्र विकसित करने का आदेश दिया गया, जिसके तहत सभी स्तरों के अधिकारी प्रजावाणी के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 8 दिसंबर 2023 को पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने जनता की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के उद्देश्य से प्रजावाणी का शुभारंभ किया था। तब से हैदराबाद के महात्मा ज्योतिबा फुले प्रजा भवन में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को प्रजावाणी का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है।
सभी सरकारी विभागों के अधिकारी लोगों से सीधे आवेदन और याचिकाएं प्राप्त कर रहे थे और उन पर तत्काल कार्रवाई कर रहे थे। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की देखरेख में प्रति सप्ताह प्रजावाणी कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता था।
विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें यह अनिवार्य किया गया है कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक शिकायत को विधिवत पंजीकृत किया जाए, संबंधित विभागों को भेजा जाए और आवेदक को आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सभी विभागों को जनता की शिकायतों के निवारण के लिए समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए। इसके लिए शिकायतों के पंजीकरण, निगरानी और समाधान हेतु एक एकीकृत डिजिटल मंच विकसित किया जाना चाहिए। जिला और राज्य स्तर पर वास्तविक समय निगरानी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रशासनिक स्तर पर प्रजावाणी सेवाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। प्रत्येक जिले और प्रत्येक सरकारी विभाग में विशेष प्रजावाणी विंग भी स्थापित की जाएंगी।
एक स्वतः समाधान प्रणाली लागू करने का प्रावधान है ताकि यदि किसी शिकायत का समाधान एक स्तर पर न हो पाए तो याचिका स्वतः ही उच्च अधिकारी को भेज दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर अपील तंत्र भी शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने चेतावनी दी कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और जिला एवं राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान दें और डैशबोर्ड के माध्यम से शिकायत निवारण की प्रगति की निगरानी करें। शिकायतों के निवारण में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रजावाणी सेवाओं के विकेंद्रीकरण से राज्य और जिला स्तरीय प्रजावाणी केंद्रों पर बोझ कम होगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोगों में विश्वास और भरोसा जगाने के लिए प्रजावाणी सेवाओं को सावधानीपूर्वक लागू किया जाना चाहिए।
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Created On :   26 April 2026 6:33 PM IST












