आंध्र प्रदेश के लापता सात मछुआरों का चला पता, कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री ने दी जानकारी

आंध्र प्रदेश के लापता सात मछुआरों का चला पता, कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री ने दी जानकारी
आंध्र प्रदेश के सात मछुआरों का पता लगा लिया गया है, जो इस महीने की शुरुआत से बंगाल की खाड़ी में लापता थे। कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अमरावती, 26 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के सात मछुआरों का पता लगा लिया गया है, जो इस महीने की शुरुआत से बंगाल की खाड़ी में लापता थे। कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री किंजरापु अत्चन्नायडू ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि नाव में तकनीकी खराबी आने के कारण मछुआरे पश्चिम बंगाल के तट तक पहुंच गए थे। मंत्री ने कहा कि सभी मछुआरे सुरक्षित हैं।

अधिकारियों ने नाव मालिक के भाई भवानी प्रसाद से बातचीत कर इस संबंध में जानकारी की पुष्टि की है। मछुआरों को सुरक्षित वापस घर लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को पश्चिम बंगाल जाने के निर्देश भी दिए हैं।

ये मछुआरे बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के रहने वाले हैं। वे 3 अगस्त को ओदलारेवु से समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। उन्हें 12 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन इसके बाद उनके परिवारों का उनसे संपर्क टूट गया था।

मंत्री ने कहा कि मछुआरों का पता लगाने के लिए सरकारी तंत्र ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। उन्होंने जिला कलेक्टर, मत्स्य आयुक्त, संयुक्त निदेशक और अन्य अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि मछुआरों के सुरक्षित होने की खबर मिलने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है।

इससे पहले मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में खोज अभियान तेज कर दिया गया था। इसके तहत भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाजों और चार हेलीकॉप्टरों को तलाश अभियान में लगाया गया था।

मंत्री अत्चन्नायडू ने बताया था कि भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर व्यापक खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग प्राप्त था।

उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल मुख्यालय के उप महानिदेशक (ऑपरेशंस) के निर्देश पर कोलकाता स्थित पूर्वी और उत्तर-पूर्वी कमान को भी सक्रिय किया गया था।

मंत्री के अनुसार, समुद्र में खोज क्षेत्र को बढ़ाने और अभियान को तेज करने के लिए मंगलवार को 15 तटरक्षक पोतों और चार हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया था।

उन्होंने बताया कि मरीन रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर की निगरानी में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी किया जा रहा था। साथ ही, म्यांमार और बांग्लादेश के समुद्री अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया था ताकि लापता नाव के बारे में कोई सूचना मिल सके।

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Created On :   26 Aug 2026 7:28 PM IST

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