तेलंगाना जल्द लाएगा एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2.0, सीएम रेवंत रेड्डी ने किया ऐलान

तेलंगाना जल्द लाएगा एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2.0, सीएम रेवंत रेड्डी ने किया ऐलान
तेलंगाना सरकार जल्द ही एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2.0 लाने जा रही है। इसका मकसद डिफेंस सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित करना और हैदराबाद को डिफेंस रिसर्च के लिए सबसे बेहतरीन जगह के तौर पर प्रमोट करना है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने यह जानकारी दी।

हैदराबाद, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार जल्द ही एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2.0 लाने जा रही है। इसका मकसद डिफेंस सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित करना और हैदराबाद को डिफेंस रिसर्च के लिए सबसे बेहतरीन जगह के तौर पर प्रमोट करना है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने यह जानकारी दी।

शनिवार रात 'रक्षा एक्सपो' के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विजन 'रक्षा एक्सपो' को एक अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करना है, जहां डिफेंस सेक्टर से जुड़े सभी हितधारक साथ आएं और सार्थक बातचीत हो सके।

बता दें कि 'रक्षा एक्सपो' का आयोजन 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट' के तहत 7 से 9 दिसंबर को हैदराबाद के भारत फ्यूचर सिटी में किया जाएगा।

सीएम रेड्डी ने कहा कि 'रक्षा एक्सपो' एक प्रमुख मंच के रूप में काम करेगा, जो ग्लोबल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक साथ लाएगा। सरकार इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों, विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स से इनोवेटिव आइडियाज और अत्याधुनिक तकनीकों को लाने की उम्मीद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साल आयोजित समिट का पहला संस्करण बड़ी सफलता रहा था। उन्होंने कहा कि भारत के भीतर हैदराबाद की रणनीतिक और महत्वपूर्ण स्थिति है। उन्होंने बताया कि हैदराबाद एक असाधारण रूप से सुरक्षित शहर है और यहां कई महत्वपूर्ण रिसर्च संस्थान हैं। इसके अलावा भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के कई महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र भी यहीं स्थित हैं।

भले ही तेलंगाना दक्षिण भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी कोई तटरेखा नहीं है, फिर भी यह भारतीय नौसेना को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है। तेलंगाना के विकाराबाद जिले के दामागुंडम रिजर्व फॉरेस्ट में एक वेरी लो फ्रीक्वेंसी (वीएलएफ) नौसैनिक रडार स्टेशन बनाया जा रहा है।

सीएम रेड्डी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर को प्रतिभाशाली युवाओं की जरूरत है। आईआईटी, आईआईआईटी, एनआईटी, आईएसबी और बीआईटीएस जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान डिफेंस सेक्टर की जरूरतों को पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा, "हमने स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स बेस विकसित करने के लिए पहले ही 'यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना की है और आईटीआई को एडवांस्ड ट्रेनिंग सेंटर्स (एटीसी) में अपग्रेड किया है। इसके अलावा यहां सफल इनक्यूबेटर्स भी काम कर रहे हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत को डिफेंस सेक्टर में ग्लोबल लीडर के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को डिफेंस से संबंधित तकनीक के आयातक से निर्यातक बनना चाहिए।

सीएम ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना इस विजन को साकार करने के लिए पहले से ही महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है, लेकिन यह जरूरी है कि सभी खिलाड़ी और भी बड़ी सफलता हासिल करने के लिए आगे योगदान दें। तेलंगाना को भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह बैठक न केवल डिफेंस सेक्टर में बल्कि अंतरिक्ष, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीक जैसे सहयोगी क्षेत्रों में भी सहयोग करेगी। निवेशकों से तेलंगाना में अपने नियोजित निवेश को दोगुना करने की अपील करते हुए सीएम रेड्डी ने दोहराया कि सरकार पूरा सहयोग देगी।

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