तमिलनाडु नमक उत्पादकों की सरकारी जमीन पर लीज रिन्यू कराने की मांग, सीएम विजय से दखल की अपील

तमिलनाडु नमक उत्पादकों की सरकारी जमीन पर लीज रिन्यू कराने की मांग, सीएम विजय से दखल की अपील
कल्पक्कम के पास थिरुकाझुकुंद्रम तालुक और कदंबाडी में राज्य सरकार की जमीन पर नमक बनाने का काम करने वाले उत्पादकों ने अपनी लीज के नवीनीकरण (रिन्यूअल) की मांग की है। इसमें उन्होंने तेजी लाने के लिए सीएम विजय से दखल देने की अपील की है।

चेन्नई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कल्पक्कम के पास थिरुकाझुकुंद्रम तालुक और कदंबाडी में राज्य सरकार की जमीन पर नमक बनाने का काम करने वाले उत्पादकों ने अपनी लीज के नवीनीकरण (रिन्यूअल) की मांग की है। इसमें उन्होंने तेजी लाने के लिए सीएम विजय से दखल देने की अपील की है।

उत्पादकों का कहना है कि लंबे समय तक देरी होने से इस पारंपरिक उद्योग पर निर्भर सैकड़ों परिवारों पर असर पड़ सकता है।

इस इलाके में नमक बनाने के लिए शुरू में लगभग 3,500 एकड़ सरकारी जमीन लीज पर दी गई थी।

अब नमक का उत्पादन सिर्फ 900 एकड़ जमीन तक ही सीमित रह गया है और लगभग 150 परिवार अपनी आजीविका के लिए सीधे या परोक्ष रूप से इन नमक के खेतों (सॉल्ट पैन) पर निर्भर हैं।

उद्योग के प्रतिनिधियों ने बताया कि लैंड एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर ने संबंधित जिला कलेक्टरों को लीज रिन्यू करने का निर्देश पहले ही दे दिया था। हालांकि, कुछ इलाकों में इस प्रक्रिया में देरी हुई है, जिससे प्रोड्यूसर्स और वर्कर्स के मन में काम जारी रहने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

नमक का उत्पादन मौसमी होता है और यह काफी हद तक अच्छे मौसम पर निर्भर करता है। वर्कर्स ने बताया कि इस साल मौसम अच्छा रहने की वजह से उत्पादन कुछ और दिनों तक जारी रह सका, जिससे उन्हें सीजन खत्म होने से पहले ज्यादा कमाई करने का मौका मिला।

खबर है कि कोवलम और केलंबक्कम जैसे इलाकों में लोगों द्वारा चलाए जा रहे कई छोटे सॉल्ट पैन लीज न बढ़ाए जाने के कारण बंद हो गए हैं।

उद्योग के प्रतिनिधियों को डर है कि अगर पेंडिंग रिन्यूअल को मंजूरी नहीं मिली तो और भी यूनिट्स को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

सॉल्ट पैन ऑपरेटर्स ने बताया कि इनमें से कई जमीनों का इस्तेमाल कई दशकों से नमक बनाने के लिए किया जा रहा है और वहां दूसरे कामों की गुंजाइश कम है। इन जमीनों के नीचे के ग्राउंड वाटर में खारापन बहुत ज्यादा है, जबकि मानसून के दौरान बड़े हिस्से में अंदरूनी पानी भर जाता है।

लीज रिन्यूअल की समस्या सिर्फ कलपक्कम इलाके तक ही सीमित नहीं है।

राज्य सरकार के मालिकाना हक वाली ऐसी ही सॉल्ट पैन जमीनें रामनाथपुरम, नागपट्टिनम और थूथुकुडी जिलों में भी हैं, जहां छोटे प्रोड्यूसर्स और वर्कर्स भी अपने काम को लेकर ज्यादा सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

थूथुकुडी में ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि राज्य सरकार के पास यह मांग लेकर जाने की योजना बना रहे हैं कि ऐसी जमीनें उन व्यक्तिगत ऑपरेटर्स को सौंप दी जाएं जो अभी उन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई है कि कुछ सॉल्ट पैन जमीनें मल्टीनेशनल कंपनियों को लीज पर दी जा सकती हैं।

यूनियनों का कहना है कि इन संपत्तियों के भविष्य पर कोई भी फैसला छोटे लीज होल्डर्स और इस उद्योग पर निर्भर वर्कर्स के हितों की रक्षा करने वाला होना चाहिए।

तमिलनाडु में केंद्र सरकार के मालिकाना हक वाली सॉल्ट पैन जमीनें भी हैं। उन संपत्तियों से जुड़ी लीज के रिन्यूअल का मामला अभी आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) के तहत है।

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Created On :   10 Aug 2026 10:13 PM IST

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