आंध्र प्रदेश वाईएसआरसीपी ने एसआईआर की समयसीमा एक महीने बढ़ाने की मांग की, टीडीपी पर लगाए गंभीर आरोप

आंध्र प्रदेश वाईएसआरसीपी ने एसआईआर की समयसीमा एक महीने बढ़ाने की मांग की, टीडीपी पर लगाए गंभीर आरोप
आंध्र प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की समयसीमा एक महीने बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार अधिकारियों पर दबाव बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

अमरावती, 10 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की समयसीमा एक महीने बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार अधिकारियों पर दबाव बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

वाईएसआरसीपी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) लेल्ला अप्पी रेड्डी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं कि वे मतदाता संबंधी आंकड़ों को पहले 'मायटीडीपी (माय टीडीपी)' ऐप पर अपलोड करें और उसके बाद ही चुनाव आयोग को भेजें।

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधि, मंत्री और नेताओं के निजी सहायक तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एक बीएलओ इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचा तो उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई और उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया।

अप्पी रेड्डी ने कहा, "हमने इन अनियमितताओं की शिकायत चुनाव आयोग से की है। हम दोबारा आयोग को ज्ञापन सौंपेंगे और जरूरत पड़ने पर कानूनी विकल्प भी अपनाएंगे।"

उन्होंने दावा किया कि आत्मकुर, तंबल्लापल्ले सहित कई क्षेत्रों में मतदाता गणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा जारी प्रगति के आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हर पात्र मतदाता को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर का काम अभी जमीनी स्तर पर पूरा नहीं हुआ है और प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इसलिए इसकी समयसीमा एक महीने बढ़ाई जानी चाहिए।

उन्होंने चुनाव आयोग से अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की भी मांग की।

अप्पी रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और टीडीपी लोकतांत्रिक मूल्यों की कीमत पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता मौजूद हैं और इन्हें मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू के विधानसभा क्षेत्र कुप्पम में ही करीब 30,000 फर्जी वोट होने की जानकारी सामने आई है।

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Created On :   10 July 2026 7:39 PM IST

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