इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस को अदालत में दी जा सकती है चुनौती मजीद मेमन

इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस को अदालत में दी जा सकती है चुनौती मजीद मेमन
अभिनेता इमरान खान को 28 तारीख तक भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मजीद मेमन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नागरिक के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि इमरान खान को देश छोड़ने का नोटिस दिया गया है, तो उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस में किन कारणों का उल्लेख किया गया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता इमरान खान को 28 तारीख तक भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मजीद मेमन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नागरिक के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि इमरान खान को देश छोड़ने का नोटिस दिया गया है, तो उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस में किन कारणों का उल्लेख किया गया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

मजीद मेमन ने कहा कि किसी विदेशी नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध मार्च में शामिल होने पर आपत्ति का सामना नहीं करना चाहिए। खान ने सरकार के खिलाफ अकेले कोई अलग अभियान नहीं चलाया, बल्कि वह लोगों की भीड़ के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इमरान खान को लगा होगा कि जो कुछ हो रहा है, वह गलत है, लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है और जनहित के लिए नुकसानदायक है। इसी भावना के तहत उनके प्रदर्शन में शामिल होने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल विरोध मार्च में भाग लेने के कारण किसी व्यक्ति को देश छोड़ने के लिए कहा जाना उचित है या नहीं।

मेमन ने कहा कि इमरान खान को 28 तारीख तक भारत छोड़ने का जो नोटिस दिए जाने की खबर है, उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी होगा कि भारत में रहने की अनुमति देते समय उन पर कौन-सी शर्तें लागू की गई थीं। उन्होंने विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मामला विदेशी नागरिक अधिनियम, आव्रजन कानून, पासपोर्ट अधिनियम या किसी अन्य संबंधित कानून के तहत हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने अपने प्रवास से जुड़ी विशिष्ट शर्तों का उल्लंघन किया है, तो कानूनी कार्रवाई का सवाल उठ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान के मामले में वास्तविक स्थिति क्या है और नोटिस किस आधार पर जारी किया गया है, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।

अधिवक्ता ने कहा कि इमरान खान को हिरासत में लेना, गिरफ्तार करना या नोटिस जारी करना पहली नजर में जरूरी नहीं लगता। यदि किसी तरह का उल्लंघन हुआ है, तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन इसके लिए संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रावधानों को देखना आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इमरान खान को 28 तारीख से पहले भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। हालांकि, नोटिस में दिए गए कारणों की जानकारी नहीं होने के कारण वह इसकी कानूनी वैधता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दे सकते।

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Created On :   15 Oct 2026 9:20 PM IST

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