ईरान संघर्ष के शुरुआती हफ्तों में 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए, 43 लाख हुए बेघर डब्ल्यूएचओ

ईरान संघर्ष के शुरुआती हफ्तों में 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए, 43 लाख हुए बेघर डब्ल्यूएचओ
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त एयर स्ट्राइक में ईरान के बड़े शहरों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइलें दागीं। गोलाबारी के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जान जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी भी इस फेहरिस्त में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार आंकड़े जारी कर रहा है जो जितने कष्टकारी हैं उतने ही खौफनाक भी।

जिनेवा, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त एयर स्ट्राइक में ईरान के बड़े शहरों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइलें दागीं। गोलाबारी के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जान जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी भी इस फेहरिस्त में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार आंकड़े जारी कर रहा है जो जितने कष्टकारी हैं उतने ही खौफनाक भी।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, शुरुआती हफ्तों में ही करीब 3,300 लोग आसमान से बरसते गोलों का शिकार हुए, तो 43 लाख से ज्यादा दर बदर हुए।

ये रूह कंपाने वाली सच्चाई विश्व स्वास्थ्य संगठन की ईस्टर्न मेडिटेरेनियन (पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों) की क्षेत्रीय निदेशक, हनान बाल्खी, ने ईरान संघर्ष के शुरुआती हफ्तों के असर का अवलोकन करते हुए बताई।

बाल्खी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि लड़ाई ने हाल के दशकों में सबसे “बड़े संकटों” में से एक को जन्म दिया है, जिसके नतीजे दर्दनाक हैं। 3,300 से ज्यादा लोगों की जान गई है, 30 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए और 4.3 मिलियन (43 लाख) से ज्यादा बेघर हुए हैं। इतना ही नहीं, इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर 116 हमले किए गए। इतना ही नहीं, कई औद्योगिक इकाइयों, आपातकालीन सेवाओं और अहम बुनियादी ढांचों को भी निशाने पर लिया गया।

उन्होंने कहा मिडिल ईस्ट में जिस तरह की तस्वीर उभर कर आ रही है, वह बेहद कष्टकारी है। हाल के दशकों में यह क्षेत्र की सबसे बड़ी त्रासदी है। उनके मुताबिक स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई है। रिफ्यूजी शिविरों में जरूरत से ज्यादा लोग पनाह लिए हुए हैं। इतना ही नहीं वर्तमान हालात पर्यावरण के लिए भी ठीक नहीं हैं। लोग जैविक, परमाणु और रेडियोएक्टिव विकिरण के जोखिम से जूझ रहे हैं। ये पूरे क्षेत्र के लिए संकट का सबब है।

बाल्खी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष विराम की अपील की। साथ ही इन क्षेत्रों में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी मांगी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   4 April 2026 7:46 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story