मध्य प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए डिप्‍टी सीएम राजेंद्र शुक्ल

मध्य प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए डिप्‍टी सीएम राजेंद्र शुक्ल
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है, इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए है । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत संचालित प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाए।

भोपाल, 8 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है, इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए है । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत संचालित प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा आभा आईडी, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया जाए।

डिप्‍टी सीएम शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश में एकीकृत एवं परस्पर जुड़ा हुआ डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित करना है। इसके माध्यम से नागरिकों को विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान आभा आईडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से प्राप्त एवं साझा कर सकें।

उन्‍होंने निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों, चिकित्सकों, नर्सों, आयुष चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेजी से कराया जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

डिप्‍टी सीएम शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से मरीज, चिकित्सक, प्रयोगशाला, फार्मेसी, अस्पताल और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित एवं निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा। इससे उपचार की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।

वहीं, सीईओ आयुष्मान अरविंद शाह ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी हैं। साथ ही लगभग 20 हजार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए हैं तथा लगभग 18 हजार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

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Created On :   8 July 2026 7:45 PM IST

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