महाराष्ट्र सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए जाएगी केंद्रीय टीम शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम जाएगी। मैं खुद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सूखा प्रभावित राज्यों का दौरा करूंगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे की स्थिति पर कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक की सरकारों ने अपने-अपने राज्यों के बड़े हिस्सों में सूखा घोषित किया है। भारत सरकार इन राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। कर्नाटक में स्थिति का जायजा लेने के लिए हम 3 अक्टूबर को एक टीम भेज रहे हैं। मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की है और वहां भी एक टीम भेजने के लिए तैयारी की जा रही है। मैं खुद भी स्थिति का जायजा लेने के लिए उन राज्यों का दौरा करूंगा। हम इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी ताकत के साथ अपने किसानों और राज्य सरकारों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से आने वाले रबी सीजन के लिए वैज्ञानिक और क्षेत्र-विशिष्ट तरीका अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल चक्र के दौरान बदलते मौसम और असमान बारिश ने जल संसाधनों और फसल के चुनाव की बेहतर योजना बनाने की जरूरत को उजागर किया है।
'रबी अभियान 2026' पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि जलवायु में बदलाव के कारण देश भर में अलग-अलग हालात बने हैं। कुछ इलाकों में भरपूर बारिश हुई है, जबकि कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात और पानी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं हैं।
उन्होंने राज्य सरकारों से बुवाई की रणनीति को अंतिम रूप देने से पहले जलाशयों के स्तर, सिंचाई के साधनों और मिट्टी में नमी की स्थिति का आकलन करने का आग्रह किया। पानी के सीमित संसाधनों को देखते हुए, सर्दियों की फसल के सफल सीजन को सुनिश्चित करने के लिए बुवाई से पहले और बाद में सिंचाई की अग्रिम योजना बनाना बहुत जरूरी होगा।
उन्होंने खाद का जिक्र करते हुए कहा कि मैं मुश्किल हालात में भी की गई कोशिशों के लिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में खाद की कोई कमी नहीं हुई है और अभी हालात चाहे जैसे भी हों, सरकार खाद का इंतजाम करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस बात पर जोर दे रहे हैं कि खाद का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही किया जाए। संतुलित इस्तेमाल के लिए हम फिर से 'खेत बचाओ' अभियान चलाएंगे, ताकि सॉइल हेल्थ कार्ड की सलाह और मिट्टी में जिन पोषक तत्वों की कमी है, उनके आधार पर सिर्फ जरूरी मात्रा में ही खाद डाली जाए। इससे मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मदद मिलेगी और फिजूलखर्ची भी कम होगी।
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Created On :   28 Sept 2026 7:53 PM IST












