पश्चिम बंगाल फलता में पुनर्मतदान पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, आयोग नहीं कर पा रहा अपने कर्तव्यों का निर्वहन

पश्चिम बंगाल फलता में पुनर्मतदान पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, आयोग नहीं कर पा रहा अपने कर्तव्यों का निर्वहन
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के आदेश के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चुनाव आयोग के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह आयोग की विफलता को उजागर करता है।

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के आदेश के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चुनाव आयोग के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह आयोग की विफलता को उजागर करता है।

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि जिस तरह से पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है, उससे यह स्पष्ट है कि आयोग अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रही है और फलता का मामला उसी की पुष्टि करता है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। केंद्रीय बलों की भारी तैनाती से लेकर बख्तरबंद गाड़ियों तक, लेकिन इसके बावजूद पुनर्मतदान की नौबत आना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद इंडिया ब्लॉक की बैठक बेहद जरूरी है, ताकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके। विपक्षी दलों को एकजुट होकर इस मुद्दे पर निर्णायक कदम उठाने होंगे।

इधर रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को मतगणना के दौरान पुनर्गणना की मांग करने का अधिकार है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि किसी दल को संदेह होता है, तो वह इसे उठा सकता है। उनका बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस निर्देश के संदर्भ में आया, जिसमें उन्होंने अपने पार्टी एजेंटों से करीबी मुकाबले की स्थिति में पुनर्गणना की मांग करने को कहा था।

राकेश सिन्हा ने आगे कहा कि जनमत सर्वेक्षण के संकेत यह बता रहे हैं कि महंगाई और जनविरोधी नीतियों के कारण सत्ताधारी दलों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि जो दल गांधीवादी विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जनता चुनाव में जवाब देगी।

चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में परिस्थितियां जटिल हैं और आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं दिखाई देता। उनके अनुसार, भाजपा द्वारा बड़े संसाधन झोंकने के बावजूद जमीनी स्तर पर उसकी स्थिति मजबूत नहीं है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ा है।

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Created On :   3 May 2026 1:07 PM IST

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