राजस्थान उप जिला अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिलने से 10 साल के मासूम की मौत, परिजनों में कोहराम

राजस्थान  उप जिला अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिलने से 10 साल के मासूम की मौत, परिजनों में कोहराम
राजस्थान के डीग जिले के पुछरी का लौठा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। रविवार रात सांप के डसने से 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने उप जिला चिकित्सालय में सर्पदंश के उपचार के लिए जरूरी एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं मिलने का आरोप लगाया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

डीग, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के डीग जिले के पुछरी का लौठा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। रविवार रात सांप के डसने से 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने उप जिला चिकित्सालय में सर्पदंश के उपचार के लिए जरूरी एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं मिलने का आरोप लगाया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार पुछरी का लौठा निवासी 10 वर्षीय कृष्णा को रविवार रात घर में सांप ने डस लिया। घटना के बाद परिजन घबराई हालत में बच्चे को तत्काल उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय पुछरी का लौठा लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच जाएगी लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए उपयोग होने वाला जीवनरक्षक एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं था।

परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन नहीं होने के कारण बच्चे को समय पर जरूरी उपचार नहीं मिल सका और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। मासूम की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों का कहना है कि सर्पदंश जैसी आपातकालीन स्थिति में हर मिनट कीमती होता है। ऐसे में यदि उप जिला अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है तो यह ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उप जिला चिकित्सालय में आसपास के कई गांवों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में एंटी स्नेक वेनम जैसी जरूरी दवा का न होना लापरवाही को दिखाता है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि घटना के समय अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध था या नहीं। अगर नहीं था तो इसकी आपूर्ति क्यों नहीं की गई, बच्चे को तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की क्या व्यवस्था की गई थी और उस समय अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे या नहीं।

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