रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की शक्ति प्रदर्शन रैली, रामलीला मैदान से लोकतंत्र बचाने का संदेश

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की मेगा रैली में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर जमकर निशाना साधा। रैली में शामिल नेताओं ने वोट चोरी, मतदाता सूची में अनियमितताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडी गठबंधन के अन्य नेताओं के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चल रहे संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। विपक्ष पिछले करीब दो वर्षों से चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा लगातार उठा रहा है और अब इस पर देशभर में चर्चा हो रही है।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने रैली को देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस आयोजन के साथ देश एक नए युग में प्रवेश करेगा। इस रैली के साथ देश में एक नए समय की शुरुआत होगी और एक नया सवेरा आएगा। आज पूरा देश रामलीला मैदान में राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेताओं की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्ट व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाता और उसे समाप्त नहीं किया जाता, तब तक देश का कल्याण संभव नहीं है। इसके लिए पूरी व्यवस्था में परिवर्तन लाना आवश्यक है।
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने रैली में उमड़ी भीड़ को जनता के समर्थन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि यहां लाखों लोग क्यों मौजूद हैं और देशभर में करोड़ों लोग इस रैली में हो रही गतिविधियों को देखने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरे विपक्ष ने पिछले लगभग दो वर्षों से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। अब उनके प्रयासों के नतीजे सामने आने लगे हैं। इस मुद्दे पर जनता की बढ़ती दिलचस्पी विपक्ष की आवाज को मजबूती दे रही है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या केवल कांग्रेस की नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, "यह पार्टियों की बात नहीं है और न ही केवल कांग्रेस का मामला है। यह एक बहुत सीधा संदेश है कि चुनाव आयोग को भारत के लोगों के संवैधानिक अधिकार नहीं छीनने चाहिए।"
हिमाचल प्रदेश के लिए एआईसीसी प्रभारी रजनी पाटिल ने रैली को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इसमें लोगों का उत्साह देखने लायक है। हिमाचल प्रदेश जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचे हैं। इससे रैली के व्यापक पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, उन पर उसे बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता। इसी वजह से इंडी गठबंधन ने 'मॉक पार्लियामेंट' आयोजित करने का फैसला किया। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना और दिखाना था कि संसद में विपक्ष को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
रजनी पाटिल ने कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संविधान को बचाना है या नहीं, यह देश के लोगों के हाथ में है।
उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अंग्रेजों से भारत छोड़ने का आह्वान किया गया था। आज भी उसी तरह का संघर्ष चल रहा है। उन्होंने नारा दिया, "गद्दी छोड़ो, वोट चोरों गद्दी छोड़ो।"
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश में ऐसा माहौल देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडी गठबंधन के अन्य नेताओं ने जिस मुद्दे को उठाया है, उसने देशवासियों को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
गहलोत ने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि यदि मतदाताओं के वोटों में बदलाव या कटौती हो जाए और संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी तक न मिले, तो लोकतंत्र की रक्षा कैसे होगी?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि भारत का निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराए। किसी राजनीतिक दल की जीत या हार अलग विषय है, लेकिन आयोग के कामकाज और उसकी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवाल बेहद गंभीर हैं।
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कथित वोट चोरी के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को बेंगलुरु से इस मामले को उजागर करना शुरू किया था।
उन्होंने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1.05 लाख वोटों की कथित चोरी, बिहार में 65 लाख वोटों से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप और महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या में हुए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 के बीच महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या में 32 से 39 लाख तक की वृद्धि हुई, जबकि पांच महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 44 लाख हो गया।
लल्लू ने कहा कि वोट चोरी के आरोपों को लेकर लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरा विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर विरोध कर रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पद छोड़ना चाहिए। लल्लू ने कहा कि रामलीला मैदान और दिल्ली में 10 लाख से अधिक लोगों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इंडी गठबंधन की मेगा रैली को जनता की आवाज करार दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पायलट ने कहा कि आज पूरा देश देखेगा कि इंडी गठबंधन और कांग्रेस को जनता का कितना समर्थन मिल रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्ष लोकतंत्र और न्याय की लड़ाई को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगा।
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