सरकार जवाब दे, छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई सुप्रिया श्रीनेत

सरकार जवाब दे, छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई सुप्रिया श्रीनेत
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को रद्द किए जाने के फैसले पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कौन प्रदर्शन कर रहा है और कौन नहीं, मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। सवाल यह है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई।

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को रद्द किए जाने के फैसले पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कौन प्रदर्शन कर रहा है और कौन नहीं, मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। सवाल यह है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई।

नियमों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि नियम यह कहता है कि पैलेट गन चलाने के लिए लिखित में आदेश लेना होता है और उस पर हस्ताक्षर लिए जाते हैं। इस मामले में अगर आदेश थे तो किसने हस्ताक्षार किए।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि इस सरकार को समझना होगा कि वह देश के युवाओं का मुकाबला नहीं कर सकती। सरकार को ऐसा करना ही था और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने ही थे लेकिन बड़ा और ज्यादा अहम सवाल यह है कि इन छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल करने की इजाजत किसने दी। 20 जुलाई को हुई इस घटना के दौरान कई छात्र घायल हुए। सरकार को जवाब देना चाहिए।

सुप्रिया श्रीनेत ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पहली तिमाही में देश की जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ने पर कहा कि देश में नौकरियों का पर्याप्त सृजन नहीं हो रहा है। लोग कर्ज के बोझ से दबे हैं और महंगाई आम जनता की कमर तोड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बेचकर बाहर जा रहे हैं और अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तेज आर्थिक विकास का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देना चाहिए। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की निशानी सिर्फ जीडीपी के आंकड़े नहीं हैं। इसका असर शेयर बाजार, रोजगार, निवेश, लोगों की आय और उनकी खरीदने की क्षमता में भी दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि इस विकास का लाभ किसे मिल रहा है, इससे किसे फायदा हो रहा है और कौन आर्थिक रूप से आगे बढ़ रहा है तथा समृद्ध हो रहा है। सरकार एक कमजोर अर्थव्यवस्था को शानदार तस्वीर के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   1 Sept 2026 8:27 PM IST

Tags

Next Story