गलत संदेश जाने की चिंता: ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाने पर महायुति में नाराजगी! शिंदे गुट के मंत्री असहज

ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाने पर महायुति में नाराजगी! शिंदे गुट के मंत्री असहज
  • फडणवीस के फैसले से ‘गलत संदेश’ जाने की चिंता
  • मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाने पर महायुति में नाराजगी
  • मंगलवार की कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे शिंदे

Mumbai News. महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की समय सीमा बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर महायुति सरकार के भीतर एक बार फिर मतभेद सामने आने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत दिए जाने से एकनाथ शिंदे गुट के कुछ मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। इन मंत्रियों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से मराठी भाषा के मुद्दे पर राज्य के मराठी समाज में गलत संदेश गया है।

शिंदे गुट में फैसले को लेकर असंतोष

बताया जा रहा है कि शिंदे गुट के कुछ मंत्रियों का मानना है कि जब सरकार ने रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने का निर्णय लिया था, तब इसका उद्देश्य स्पष्ट था कि सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले चालकों को महाराष्ट्र की स्थानीय भाषा का पर्याप्त ज्ञान हो। ऐसे में समय सीमा को एक साल बढ़ाने से इस फैसले की गंभीरता पर सवाल उठ सकते हैं। शिंदे गुट के मंत्रियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि मराठी भाषा को लेकर सरकार द्वारा लिए गए फैसले को अचानक नरम किए जाने से मराठी समाज में यह संदेश जा सकता है कि सरकार अपने ही निर्णय को लेकर पीछे हट रही है।

क्या शिंदे भी फैसले से नाराज हैं?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मुख्यमंत्री फडणवीस के इस फैसले से नाराज हैं। सूत्रों के हवाले से ऐसी चर्चाएं सामने आ रही हैं कि शिंदे भी समय सीमा बढ़ाए जाने के फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। हालांकि शिंदे की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी नाराजगी की खबरों को फिलहाल राजनीतिक सूत्रों की चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे शिंदे

इसी बीच मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एकनाथ शिंदे की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी। शिंदे के दैनिक कार्यक्रम में मंत्रिमंडल की बैठक के अलावा अन्य बैठकों का भी उल्लेख था। इसके बावजूद वह अचानक दिल्ली रवाना हो गए। हालांकि शिंदे के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर खुलकर विरोध दर्ज नहीं कराया।शिंदे के अचानक दिल्ली पहुंचने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, उनके दिल्ली दौरे के पीछे एक अहम कानूनी वजह भी बताई जा रही है। दरअसल, शिवसेना के पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के साथ-साथ पार्टी के मालिकाना हक को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने वाली है। बताया जा रहा है कि शिवसेना (शिंदे) की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होने वाली है। इसी सिलसिले में शिंदे का दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Created On :   1 Sept 2026 9:12 PM IST

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