चेतावनी: दहिसर पूर्व ट्रांसपोर्ट हब में ब्लास्टिंग के नियमों का उल्लंघन हुआ तो ठेकेदार पर होगी कार्रवाई - आशीष शेलार

दहिसर पूर्व ट्रांसपोर्ट हब में ब्लास्टिंग के नियमों का उल्लंघन हुआ तो ठेकेदार पर होगी कार्रवाई - आशीष शेलार
  • मुंबई मनपा और पुलिस 15 दिनों में जनसुनवाई करें
  • परेशानी की शिकायतों का मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार ने गंभीर संज्ञान लिया

Mumbai News. दहिसर पूर्व जकात नाका क्षेत्र में निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट हब के काम के दौरान होने वाली ब्लास्टिंग से आसपास की इमारतों में दरारें पड़ने, ध्वनि प्रदूषण और नागरिकों को हो रही परेशानी की शिकायतों का मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार ने गंभीर संज्ञान लिया है। मंगलवार को बैठक में शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि आगे से ब्लास्टिंग के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्थानीय विधायक प्रकाश सुर्वे, मनीषा चौधरी के आलावा मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, मुंबई महानगरपालिका की अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे सहित पर्यावरण और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मनपा के अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन का पहले ही आईआईटी के माध्यम से परीक्षण कराया गया है और उसकी सिफारिशों के अनुसार नियंत्रित तरीके से ब्लास्टिंग की जा रही है। हालांकि पालकमंत्री शेलार ने निर्देश दिया कि निर्धारित समय और अन्य सुरक्षा मानकों का पहले उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसकी जांच कर रिकॉर्ड तैयार किया जाए और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिक सुरक्षित और आधुनिक ब्लास्टिंग तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार करने को कहा।

इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट

ब्लास्टिंग के कारण इमारतों को नुकसान पहुंचने की शिकायतों की विशेषज्ञों के माध्यम से जांच कर स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश शेलार ने भी दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह स्पष्ट होता है कि ब्लास्टिंग के कारण इमारतों को नुकसान पहुंचा है, तो संबंधित कंपनी से नुकसान भरपाई कराने की कार्रवाई की जाए। ट्रांसपोर्ट हब के निर्माण से निकलने वाले खनिज और गौण खनिज के परिवहन को लेकर भी जांच के आदेश दिए। शेलार ने क्षेत्र के नागरिकों को हो रहे यातायात जाम, धूल, दुर्गंध, ध्वनि प्रदूषण और आवागमन से जुड़ी परेशानियों को लेकर संबंधित परियोजना अभियंता और पुलिस विभाग को नागरिकों की जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जनसुनवाई की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Created On :   1 Sept 2026 8:52 PM IST

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