अरावली पहाड़ियों पर विवाद: अरावली पर सरकार पूरी तरह बेनकाब-सचिन पायलट

अरावली पर सरकार पूरी तरह बेनकाब-सचिन पायलट
राजस्थान के उदयपुर में NSUI और अन्य संगठनों का जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। राजस्थान में NSUI और अन्य संगठनों के सदस्यों ने आज अरावली पहाड़ियों से जुड़े विवाद को लेकर उदयपुर में जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अरावली पहाड़ियों को लेकर जारी विवाद पर कहा अगर अरावली पर आया नया ऑर्डर लागू हो जाता है तो इस पूरे इलाके, कई राज्यों या आधे हिंदुस्तान का पारिस्थितिक संतुलन खत्म हो जाएगा। अरावली पर्वत माला दिल्ली को, हरियाणा को और इस पूरे इलाके की खेती को थार के रेगिस्तान से आने वाली मिट्टी को बचाती है। अरावली का बहुत बड़ा योगदान है इस पूरे समन्वय को बनाकर रखने का, अरावली को यदि कोई हाथ भी लगाता है तो वो इस देश का, इस पूरे क्षेत्र का दुश्मन माना जाएगा।

अरावली पहाड़ियों पर विवाद पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा अरावली पर सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है। जिस दिशा की ओर वे बढ़ रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि हमारी जो पर्वत श्रृंखला है उसके प्रति उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। अगर हम उसे नष्ट कर देंगे तो जवाबदेही किसकी होगी? सरकार कोर्ट में जाकर उन बातों को मान रही है जिसका परिणाम अरावली के खत्म होने की ओर बढ़ता है हम उसका विरोध करते हैं। हम 26 दिसंबर को जयपुर में एक मार्च निकालेंगे।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ANI को दिए एक इंटरव्यू में अरावली पहाड़ियों के इलाकों में माइनिंग लीज़ के बारे में बात करते हुए कहा नई माइनिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट का प्लान है कि पहले एक साइंटिफिक प्लान बनेगा, इसमें ICFRE शामिल होगा। उसके बाद ही इस पर विचार किया जाएगा। लेकिन मैं बहुत साफ कह रहा हूं कि 0.19 प्रतिशत से ज़्यादा इलाके में यह संभव नहीं होगा। माइनिंग पहले से चल रही थी। उसी आधार पर परमिशन दी जा रही थी। प्रतिबंधित और मना किए गए इलाकों को साफ तौर पर परिभाषित करके आप सख्त पालन सुनिश्चित कर सकते हैं। अरावली के संरक्षण की आवश्यकता है।

Created On :   22 Dec 2025 5:00 PM IST

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