Jammu & Kashmir News: राज्य के दर्जे पर उमर अब्दुल्ला का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- दो साल बाद भी वादा अधूरा

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के दर्जे वाले मामले पर एक बार फिर बयान जारी किया है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उनका कहना है कि लद्दाख और करगिल के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे केंद्र सरकार के मौखिक आश्वासनों पर कभी भरोसा न करें। इसके साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर को 'जुबानी आश्वासनों' पर अब भरोसा नहीं रहा, क्योंकि इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के झूठे वादों के कारण पिछले दो सालों से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया है।
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CM ने लद्दाख नेताओं से की अपील
उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख के नेता सतर्क रहें। इसके साथ ही राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का उदाहरण दिया और लद्दाख लीडरशिप से अपील की कि वह ऐसे वादों पर कभी भरोसा न करे और उनसे लिखित और हस्ताक्षरित वादे मांगे।
लद्दाख नेताओं को दी सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा, "एक दोस्त और बड़े भाई के तौर पर मैं लद्दाख के नेताओं को सलाह दूंगा कि वे केंद्र सरकार के किसी भी वादे पर तब तक भरोसा न करें, जब तक कि वह उन्हें लिखित और हस्ताक्षरित रूप में न दिया जाए। बेहतर होगा कि ये आश्वासन हलफनामे (एफिडेविट) के रूप में हों।"
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केंद्र के आश्वासन का किया जिक्र
उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने वाले केंद्र के आश्वासन का जिक्र किया और कहा कि लोगों से भी जुबानी वादा किया था कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद राज्य का दर्जा बहाल हो जाएगा। उन्होंने बताया, "हम भी जुबानी वादे का शिकार हुए। हमसे कहा गया था कि चुनाव के तुरंत बाद राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। अब चुनाव हुए लगभग दो साल बीत चुके हैं और वह वादा कहीं नजर नहीं आ रहा है।"
Created On :   16 Sept 2026 9:30 PM IST












