UPI Transaction Dispute: यूपीआई चार्ज पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार का किया समर्थन! कहा- डिजिटल पेमेंट चलाना मुफ्त नहीं

यूपीआई चार्ज पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार का किया समर्थन! कहा- डिजिटल पेमेंट चलाना मुफ्त नहीं
केंद्र सरकार ने दो हजार से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया है। इसको लेकर तमाम विपक्षी राजनीतिक पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार पर हमला कर रही हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। केंद्र सरकार ने दो हजार से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया है। इसको लेकर तमाम विपक्षी राजनीतिक पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार पर हमला कर रही हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बुधवार को UPI के जरिए होने वाले पेमेंट पर शुल्क को लेकर कहा कि डिजिटल भुगतान अवसंरचना को बनाए रखना और इसे चलाना सस्ता नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ ही सरकार को खुदरा ग्राहकों के हितों की सुरक्षा करने की भी सलाह दी है।

ग्राहकों से शुल्क लेने पर क्या कहा?

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता और सीएम उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा, "यह शुल्क हर किसी पर नहीं लगाया जा रहा है। सबसे पहले, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगता है। इसके अलावा, आम ग्राहकों से तब तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जब तक वे एक तय सीमा से ज्यादा का लेन-देन नहीं करते।"

डिजिटल भुगतान को लेकर क्या बोले?

उमर अब्दुल्ला का कहना है कि UPI अवसंरचना को बनाए रखने और उसे चलाने का काम सस्ता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि इस भुगतान को चलाने के लिए काफी पैसा खर्च होता है। उनका कहना है, "असलियत यह भी है कि जब कोई चीज पूरी तरह मुफ्त मिलती है, तो हम अक्सर उसकी सही कीमत नहीं समझते। फिर भी, भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों पर इस शुल्क का बोझ न पड़े।"

'UPI से कंपनियां कमाती हैं मुनाफा'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर कंपनियों से शुल्क की वसूली की जाती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे भी कंपनियां UPI से काफी कमाई करती हैं। वहीं, ज्यादातर विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट करने पर 0.4 फीसदी शुल्क लगने से भारतीय लोगों के साथ मोदी सरकार ने 'विश्वासघात' किया है। इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

Created On :   17 Sept 2026 12:33 AM IST

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