Pappu Yadav Arrest: 1995 के मामले में पप्पू यादव को लाया गया सिविल कोर्ट, सांसद के समर्थकों पर पुलिस के काम में रुकावट डालने का आरोप

1995 के मामले में पप्पू यादव को लाया गया सिविल कोर्ट, सांसद के समर्थकों पर पुलिस के काम में रुकावट डालने का आरोप
पप्पू यादव को 1995 के मामले की सुनवाई के लिए पटना की सिविल कोर्ट लाया गया है। सुबह उनकी मेडिकल जांच हुई थी।

डिजिटल डेस्क, पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के गिरफ्तार होने के बाद बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है। उन्हें फिलहाल 1995 के एक मामले में सुनवाई के लिए पटना सिविल कोर्ट लाया जा रहा है। बता दें कि, सांसद को शनिवार (7 फरवरी) सुबह मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था। सांसद का आरोप है कि शुक्रवार रात 11 बजे पुलिस बिना वर्दी में आई। उन्हें लगा कोई उन्हें मारने आया है। वहीं, सिटी एस.पी. का आरोप है कि सांसद के समर्थकों ने पुलिस के काम में रुकावट डालने की कोशिश की।

'सांसद के समर्थकों ने पुलिस काम में डाली रुकावट'

1995 के एक मामले में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को कोर्ट में लाए जाने पर सिटी एस.पी. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसका हमें पालन करना होता है। 24 घंटे के अंदर हमें आरोपी को कोर्ट के सामने पेश करना होता है। उनका मेडिकल चेकअप हो गया है और अब उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। उनके समर्थकों ने पुलिस को अपना काम करने से रोकने की कोशिश की। उनके इमोशन बहुत ज्यादा बढ़ गए थे, और उन्होंने हमें रोकने की कोशिश की। वीडियो फुटेज में जो भी लोग दिख रहे हैं, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घर पर कब्जे का आरोप

जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव ने पटना में एक घर पर कब्जा कर के रखा हुआ था। मामला 31 साल पुराना यानि 1995 का है। निर्दलीय सांसद के खिलाफ गर्दनीबाग थाना में FIR (First Information Report) दर्ज है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का आरोप है कि पप्प यूदव ने उनके घर को किराए पर ऑफिस के लिए किया था लेकिन बाद में फर्जी तरीके से उस पर कब्जा कर लिया।

Created On :   7 Feb 2026 3:21 PM IST

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