SIR in West Bengal: विधानसभा में ममता सरकार ने पेश किया प्रस्ताव, एसआईआर की वजह से हर दिन 3 से 4 लोग कर रहे सुसाइड

विधानसभा में ममता सरकार ने पेश किया प्रस्ताव, एसआईआर की वजह से हर दिन 3 से 4 लोग कर रहे सुसाइड
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने आज विधानसभा में एक जरूरी प्रस्ताव पेश किया है। जिसमें दावा करते हुए बताया गया कि राज्य में हुई स्पेरशल इंटेनसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान 107 लोगों की मौत हुई।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने आज विधानसभा में एक जरूरी प्रस्ताव पेश किया है। जिसमें दावा करते हुए बताया गया कि राज्य में हुई स्पेरशल इंटेनसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान 107 लोगों की मौत हुई। जिसका कारण डर और घबराहट बताया गया है। यह प्रस्ताव राज्य संसदीय कार्य मंत्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने नियम 169 के तहत पेश किया है।

सरकार ने प्रस्ताव में क्या बताया?

संसदीय कार्य मंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना दिया गया है। बड़ी संख्या में लोग इस डर के कारण जूझ रहे है कि कहीं इस प्रक्रिया के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से कट न जाए। इसी मानसिक दबाव और चिंता की वजह से 107 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। इनमें आत्महत्या के आंकड़े भी शामिल है।

SIR एनआरसी के पीछे का दरवाजा

वही, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया की डर से हर रोज 3 से 4 लोग खुदखुशी कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को NRC को लाने वाला पीछे का दरवाजा बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर तंज कसा है। साथ ही चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाया है कि वह इस मामले में निष्पक्ष भूमिका निभाने पर खरा नहीं उतरा है और केंद्र सरकार के इशारों पर कार्य कर रहा है। जिन लोगों की इस प्रक्रिया के दौरान मौतें हुई है, उनकी नैतिक जिम्मेदारी आयोग और केंद्र सरकार को लेने के लिया कहा गया है।

सरकार के आरोपों पर BJP ने किया साफ

टीमएसी सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों को भाजपा ने सिरे से खारिज कर दिया है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर लोगों में अफवाह फैलाने वाला बताया। ताकि चुनाव में उसको फायदा पहुंच सके। सरकार ने जिन मौतों का जिक्र किया है, उस पर बीजेपी ने कहा कि वे सभी व्यक्तिगत घटनाएं है, जिन्हें राजनीतिक रंग देना गलत है। उसका यह भी कहना है कि एसआईआर एक सामान्य प्रक्रिया है, जो नियमित है, इस डर से जोड़ना बहुत गलत बात है।

Created On :   5 Feb 2026 5:22 PM IST

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