MP News: ई-आबकारी पोर्टल में गड़बड़ी, विभाग ने कहा, इस पर ज्यादा निर्भर न रहे अधिकारी, खुद करें परीक्षण

ई-आबकारी पोर्टल में गड़बड़ी, विभाग ने कहा, इस पर ज्यादा निर्भर न रहे अधिकारी, खुद करें परीक्षण
मप्र ई-आबकारी पोर्टल में भी गड़बड़ी सामने आई है। मप्र सरकार के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने इसके समाधान के लिए अपने सभी अधीनस्थ आबकारी अधिकारियों को स्थाई आदेश दिया, जिसमें कहा कि ई-आबकारी पोर्टल पर अत्यधिक निर्भर न रहें।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र ई-आबकारी पोर्टल में भी गड़बड़ी सामने आई है। मप्र सरकार के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने इसके समाधान के लिए अपने सभी अधीनस्थ आबकारी अधिकारियों को स्थाई आदेश दिया, जिसमें कहा कि ई-आबकारी पोर्टल पर अत्यधिक निर्भर न रहें। स्वयं से भी फाईल ओके करने के पहले परीक्षण करें जिससे तकनीकी त्रुटियां न हो सके, पोर्टल का दुरुपयोग रोका जा सके और आबकारी राजस्व प्रभावित न हो। दरअसल, वित्तीय वर्ष 2022-23 से राज्य शासन द्वारा ई- आबकारी पोर्टल लागू किया गया है। वर्तमान में विभाग की अधिकांश प्रक्रियाएं उक्त पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। इन प्रक्रियाओं के अंतर्गत देय ड्यूटी, फीस, शास्ति, डिफॉल्टर राशि आदि की गणनाएं पोर्टल द्वारा की जाती है एवं उनका भुगतान भी पोर्टल के माध्यम से ही होता है। इस प्रक्रिया में विभागीय नियमों, नीतियों एवं निर्देशों के अनुरूप यथासंभव आवश्यक वैलिडेशन भी पोर्टल पर प्रभावी किये जाते हैं। लेकिन देखा गया है कि अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा विभागीय कार्यों के निष्पादन के दौरान स्वयं वित्तीय एवं नियमानुसार परीक्षण नहीं किया जाता है और पोर्टल पर पूर्णत: अथवा अत्यधिक निर्भर होकर कार्य सम्पन्न कर दिया जाता है।

तकनीकी कमियों का दुरुपयोग संभव

पोर्टल में उपलब्ध गणनाएं एवं वैलिडेशन की शुद्धता सॉफ्टवेयर विकास, कॉन्फिगरेशन, विभागीय नियमों के समुचित समावेशन तथा व्यापक परीक्षण पर निर्भर होते हैं। आबकारी नीति/निर्देशों में समय-समय पर होने वाले परिवर्तनों को प्रभावी किये जाने के कारण ई-आबकारी पोर्टल की प्रकृति स्थायी रूप से निर्धारित न होकर, परिवर्तनशील है। असाधारण परिस्थितियों में मानवीय अथवा तकनीकी त्रुटियों के कारण इनमें त्रुटि या विचलन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। पोर्टल पर होने वाली वित्तीय गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुये उपयोगकर्ताओं द्वारा इन तकनीकी कमियों का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे राजस्व असुरक्षा तथा विभागीय नियमों के उल्लंघन की आशंका बनी रहती है। इसलिये आबकारी अधिकारी लाइसेंस, परमिट, अनापत्ति प्रमाण-पत्र, अनुमति जारी करना, आवेदन अग्रेषित करना अथवा अन्य कोई वित्तीय प्रभाव वाली कार्रवाई करने से पूर्व पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर देय ड्यूटी, फीस, शास्ति एवं डिफॉल्टर राशि की गणना तथा उनके भुगतान का स्वयं परीक्षण एवं सत्यापन करें।

खामी मिलते ही मुख्यालय को दें सूचना

आदेश में कहा कि परीक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि, विसंगति अथवा कमी परिलक्षित होने पर, संबंधित कार्य संपादित न करते हुये इसकी सूचना तत्काल इस आबकारी मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। यदि कार्य निष्पादन के दौरान विभागीय नियमों, नीतियों अथवा निर्देशों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की वित्तीय विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी और उसके विरूद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक एवं अन्य कार्यवाही की जाएगी।

Created On :   8 Aug 2026 8:07 PM IST

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