मध्यप्रदेश: स्वास्थ्य विभाग पहली बार एआई से जुटाएगा डेंगू-मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी, मिलेगी एक महीने पहले सूचना

स्वास्थ्य विभाग पहली बार एआई से जुटाएगा डेंगू-मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी, मिलेगी एक महीने पहले सूचना
मप्र स्वास्थ्य विभाग पहली बार डेंगू-मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र स्वास्थ्य विभाग पहली बार डेंगू-मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा। विभाग ने एआई आधारित प्रीडिक्शन सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम का दिल्ली और गुजरात के बड़े शहरों में किया जा चुका है, अब मप्र में भी एआई सिस्टम को केंद्र में रखकर जानकारी जुटाई जाएगी। यह सिस्टम संभावित डेंगू प्रभावित क्षेत्रों की पहले में ही जानकारी अिधकारियों-जिम्मेदारों को दे देगा। विभाग द्वारा तैयार किए गए सिस्टम के मुताबिक बीते साल डेंगू के मामले, जनसंख्या और क्षेत्रों की परिस्थितियों को आधार जाना जाएगा। एआई के इस्तेमाल से डेंगू सहित अन्य मानसून/मौसमी बीमारियों का अनुमान लगाया जाएगा। देखा जाएगा कि आने वाले दिनों में कहां ज्यादा मामले बढ़ेंगे और उसी के अनुसार विभाग कार्य करेगा। लार्वा मिलने पर प्रभावित क्षेत्र में विभाग कीटनाशक और फॉगिंग की व्यवस्था करेगा। बीमारी बढ़ने ने पहले नियंत्रण किया जाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों में भी व्यवस्था को तेज करने के लिए कहा जाएगा। एक साल के बाद इस एआई सिस्टम के परिणाम का परीक्षण होगा। मूल्यांकन के आधार पर आगे की रणनीति भी तय होगी। विभाग ने डेंगू नियंत्रण के लिए अभियान चलाया है। वर्ष 2026 में अब तक करीब 39 लाख से अधिक घरों में लार्वा सर्वे हुआ। इनमें 20238 घरों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर कीटनाशक डालकर नष्ट किया गया। सर्वे और निदान के चलते डेंगू के मामले में 12 प्रतिशत तक की कमी आई है। फिलहाल डेंगू की स्थिति अभी सामान्य हैं। लेकिन बारिश के सीजन में डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ जाते हैं।

अस्पतालों को किया जाएगा अलर्ट

एआई से मिली जानकारी के अनुसार उस क्षेत्र के अस्पतालों को अलर्ट दिया जाएगा, जिससे वे पूर्व में ही तैयारी कर लें। मरीजों को कोई असुविधा न हो उसके लिए भी कहा जाएगा। डेंगू में उपयोग होने वाली दवाइयों की भी व्यवस्था कर सकेंगे। वहीं सभी जिला अस्पतालों और चिन्हित सिविल अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया के जांच की सुविधा निःशुल्क रहती है। कुल 64 लैब में प्रभावित व्यक्ति जांच करा सकते हैं। वहीं बड़े स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारी लगाए हैं। जो डेंगू और मलेरिया को लेकर सक्रिय हैं। इसके साथ ही लोगों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा। पिछले आठ सालों की बात की जाए तो 2019 में सबसे ज्यादा 14147 मामले आए थे। उसके बाद आंकड़ा लगातार घटा है। 2024 में 3252 और 2025 में 2083 पॉजिटिव केस मिले।

इनका कहना है

डेंगू-मलेरिया की फोरकास्टिंग के लिए पहली बार एआई सिस्टम को पहली बार लागू किया जा रहा है। अगर यह सफल रहता है तो इसको आगे भी बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा। एआई सॉफ्टवेयर में जगह, ह्यूमिडिटी, आबादी, पहले से प्रभावित व संभावित क्षेत्र सहित अन्य डेटा डाला जाएगा। एक महीने पहले ही डेंगू और मलेरिया संभावित क्षेत्रों की जानकारी लगेगी। जिसके आधार पर एंटी लार्वा या दवाइयों का छिड़काव किया जाएगा। उस क्षेत्र में अस्पतालों को भी अलर्ट किया जाएगा।

Created On :   16 Jun 2026 12:24 AM IST

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