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दतिया उपचुनाव 2026: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के तीन बड़े फेक्टर्स! क्या सीनियोरिटी और पुराना परफोर्मेंस बना वजह?

डिजिटल डेस्क, भोपाल। दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने इस बार बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। उनकी जगह पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजे, क्षेत्र की स्थिति और अपनी आगे की रणनीति को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया। इसके साथ ही कुछ पुराने विवादों की भी चर्चा हो रही है। चलिए इसे वस्तार से समझते हैं।
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2023 की हार के बाद बदला फैसला
पिछले विधानसभा चुनाव में दतिया सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने जीत हासिल की थी। उन्होंने लगातार तीन बार विधायक रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था। राजेंद्र भारती को 88,977 वोट मिले थे, जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81,235 वोट मिले। माना जा रहा है कि इस हार और क्षेत्र में लोगों की नाराजगी को देखते हुए बीजेपी ने इस बार नया उम्मीदवार उतारने का फैसला किया।
बड़े नेताओं के बीच संतुलन का भी रखा ध्यान
मध्य प्रदेश की राजनीति में पहले से कई बड़े नेता सक्रिय हैं। इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीडी शर्मा शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी ने सभी नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की सोच के साथ भी यह फैसला लिया। इसी वजह से नए चेहरे को मौका दिया गया।
नरोत्तम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
साल 2019 के ई-टेंडरिंग मामले में जांच के दौरान आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा के दो पूर्व निजी सचिवों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, मिश्रा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था। राजनीतिक हलकों में यह मामला भी उन कारणों में गिना जा रहा है जिनकी चर्चा टिकट नहीं मिलने के साथ हुई लेकिन बीजेपी ने इसे आधिकारिक वजह नहीं बताया है।
Created On :   11 July 2026 2:38 PM IST













