MP News: अब सजाफ्यता और कैदियों से 15 तरह की सामुदायिक सेवाएं भी ली जा सकेंगी

अब सजाफ्यता और कैदियों से 15 तरह की सामुदायिक सेवाएं भी ली जा सकेंगी
अब मप्र की जेलों में बंद एवं सजा काट रहे कैदियों से उनकी योग्यता अनुसार 15 प्रकार की सामुदायिक सेवायें भी निगरानी के अंतर्गत कराई जा सकेंगी।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। अब मप्र की जेलों में बंद एवं सजा काट रहे कैदियों से उनकी योग्यता अनुसार 15 प्रकार की सामुदायिक सेवायें भी निगरानी के अंतर्गत कराई जा सकेंगी। इसके लिये राज्य के गृह विभाग ने मप्र सामुदायिक सेवा दिशा-निर्देश 2026 जारी कर दिये हैं। इन 15 प्रकार की सामुदायिक सेवाओं में शामिल हैं : शासकीय अस्पताल के अंतर्गत साफ-सफाई, रखरखाव एवं स्वच्छता का कार्य, मरीजों को सुविधा प्रदान करने में सहायता देना, ट्राली सहायता, कुशल या अर्धकुशल चिकित्सा/पैरामेडिकल कार्य।

शासकीय पुस्तकालय के अंतर्गत साफ-सफाई, रखरखाव, पुस्तकों एवं अभिलेखों की सूचीकरण, शेल्विंग, बाईंडिंग, लिपिकीय सहायता। शासकीय शैक्षणिक संस्था के अंतर्गत कक्षाओं, पुस्तकालय कक्षों, लैब, खेल मैदानों की साफ-सफाई। नगर निगम/नगर पालिका व पंचायत के अंतर्गत स्वच्छता कर्मचारियों के साथ सफाई एवं रखरखाव, सडक़ किनारे ऊगी खरपतवार हटाना, सौंदर्यीकरण तथा सार्वजनिक मार्गों व पार्कों का रखरखाव। सार्वजनिक भवन अथवा नागरिक अधोसंरचना के अंतर्गत साफ-सफाई। पुलिस थाना, लोक उद्यान, बस स्टेंड, रेल्वे स्टैशन, सार्वजनिक तीर्थ स्थल, सामुदायिक सभा स्थल के अंतर्गत यातायात सहायता, भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई।

वृध्दाश्रम, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, छात्रावास, सामाजिक कल्याण विभाग के भवन के अंतर्गत साफ-सफाई, रखरखाव एवं सामान्य सहायता। वन विभाग, न्यायालय व उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत वृक्षारोपण, पौधों को पानी देना, खरपतवार हटाना एवं पौधरोपण का रखरखाव करना। चिड़ियाघर, संग्रहालय व विरासत स्थल के अंतर्गत सफाई, रखरखाव के साथ लिपिकीय सहायता व भीड़ प्रबंधन का कार्य। 

Created On :   16 Sept 2026 11:46 PM IST

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