MP News: कैबिनेट: नगरीय निकायों की खरीदी पर मुख्यमंत्री ने कहा विपक्ष को सही से जवाब दें, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करें

कैबिनेट: नगरीय निकायों की खरीदी पर मुख्यमंत्री ने कहा विपक्ष को सही से जवाब दें, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करें
कैम्पा फंड से जंगल सुधार और नदी पुनर्जीवन के लिए 2,050 करोड़ की स्वीकृति

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र राज्य कैबिनेट की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट में सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश के 374 नगरीय निकायों में बीते 3 साल की गई महंगी खरीदी और एआई द्वारा पकड़ी गई गड़बड़ियों की रही। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि इस विषय पर विपक्ष को सही से जवाब दें। भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर सतर्कता के साथ कार्रवाई करें। मंत्री चेतन काश्यप ने कहा कि एआई की मदद से गड़बड़ियां पकड़ में आई है। कार्रवाई भी की गई।

कैबिनेट ने 8 हजार 225 करोड़ रुपये से अधिक की अलग-अलग विकास योजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी। छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए 2,611 करोड़ 13 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। सिंचाई कॉम्पलेक्स से छिन्दवाड़ा जिले के 1,90,500 हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) से खेतों तक पानी पहुंचाया जाना है। पेंच व्यपवर्तन (वृहद) परियोजना की निरंतरता के लिए 197 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। इसका मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कृषि के लिए पानी की आपूर्ति करना है। इससे छिंदवाड़ा जिले के 1,26,647 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। मुरैना जिले में चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना अन्तर्गत बांध निर्माण कर जिले के 15.300 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली का निर्माण चल रहा है। चेंटीखेड़ा सिंचाई परियोजना के लिए 531 करोड़ 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। सागर में पंचमनगर सिंचाई कॉम्पलेक्स एक वृहद सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना अन्तर्गत पगरा बांध एवं पंचमनगर बैराज का निर्माण किया जा चुका है। पगरा बांध से पाइप प्रणाली के माध्यम से सागर एवं दमोह जिले की 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाना है। पंचमनगर सिंचाई कॉम्पलेक्स के कार्यों की निरंतरता के लिए 39 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।

कैम्पा फंड से 2,050 करोड़ 3 लाख की मंजूरी

कैबिनेट ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा फंड) के तहत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के क्रियान्वयन के लिए 2050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग की स्वीकृति दी गई है। इस फंड से विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति पौधारोपण, लैण्डस्केप के आधार पर बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन के लिए जलग्रहण क्षेत्र के वनीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण के कार्य, ग्रामीणों की आजीविका के लिए ग्रामों की सीमा से लगे वनक्षेत्रों में बॉस प्रजाति सहित वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों के गांवों से स्वैच्छिक विस्थापन, बफर क्षेत्र सहित संरक्षित क्षेत्रों में रहवास का विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यप्राणी संबंधी अधोसंरचना सुदृढीकरण एवं ग्रामीणों की क्षमता विकास कार्य में किया जा सकता है।

सामाजिक न्याय के लिए 651 करोड़ 25 लाख की स्वीकृति

कैबिनेट ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की स्थापना से संबंधित योजना के लिए 6 करोड़ 34 लाख रुपये, स्वावलम्बन केन्द्र इंदौर (पूर्व नाम-भिक्षुक प्रवेश केन्द्र तथा कर्मशाला योजना-इंदौर) के लिए 2 करोड़ 29 लाख रुपये, दृष्टि एवं श्रवण बाधित शालायें तथा संस्थायें वेतन भत्ते के लिए 152 करोड़ 37 लाख रुपये स्वीकृत किए है। सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपये, कलापथक योजना के लिए 45 करोड़ रुपये, निर्देशन और प्रशासन के लिए 430 करोड़ 4 लाख रुपये और समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम आदि से सम्बंधित योजनाओं के लिए 9 करोड़ 21 लाख रुपये मंजूर किए गए।

निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में डीईओ कार्यालय की स्थापना

कैबिनेट ने नव गठित जिले निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के गठन के लिए कुल नए 68 पदों एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवश्यक 32 व्यक्तियों की सेवा के लिए 16 करोड़ 80 लाख का अनुमोदन किया है। प्रत्येक जिले में 17 नए पद और आउटसोर्सिंग के माध्यम से 8 लोगों की सेवाएं ली जा सकेंगी।

ईओडब्ल्यू के कार्यों से संबंधित योजना

कैबिनेट ने मप्र आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में संचालित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए 345 करोड़ 52 लाख रुपये की स्वीकृति दी। स्थापना, वेतन भत्ते व कार्यालय खर्च में 327 करोड़ 52 लाख रुपये, प्रशासकीय भवन के निर्माण में 11 करोड़ रूपये और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 7 करोड़ मंजूर किए।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसम्पत्तियों का संधारण

कैबिनेट ने मप्र विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसम्पत्तियों के संधारण-संचालन के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए भी 1,743 करोड़ 58 लाख स्वीकत किए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत रबी विपणन वर्ष 2020-21 में 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेंहू को टेंडर के माध्यम से बेचने की गई कार्यवाही और स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन को अधिकृत करने पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। कारपोरेशन ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 के कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं बेचा था। इसकी कार्यवाही का कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया।

मप्र स्थापना दिवस पर होगा 3 दिन का आयोजन

- 28 अक्टूबर को इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव होगा। सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी।

- गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों के अच्छे पशुपालकों की प्रतियोगिता होगी।

- 21-22 दिसंबर को चिंतन शिविर लगेंगे। मोहन सरकार के 3 साल के कामकाज की समीक्षा होगी और आगे का रोडमैप तैयार होगा।

- किसान कल्याण वर्ष में इस साल कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग की योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। प्रदेश के 12 जिलों में अल्प वर्षा की रिपोर्ट पर मंथन।

- मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में माटी कला और स्थानीय दीयों को प्रोत्सान दें।

- सेवा संकल्प अभियान के तहत 1,345 शिविर में 17 लाख से अधिक आवेदन मिले।

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