- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- दतिया में थमा चुनावी शोर, बीजेपी और...
Datia By-election 2026: दतिया में थमा चुनावी शोर, बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों ने झोंकी ताकत, 30 को होगी वोटिंग, 3 अगस्त को आएगा रिजल्ट

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम को चुनाव प्रचार पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया। अब प्रत्याशी घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे। 30 तारीख को होने वाले मतदान से ठीक पहले सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने वोटर्स को अपने तरफ करने में पूरी ताकत झोंक दी। रिजल्ट 3 अगस्त को घोषित होगा।
चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के बीच है। घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से ताल्लुक रखते हैं जबकि आशुतोष तिवारी बीजेपी संगठन में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
यह भी पढ़े -भाजपा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के प्रचार पर रोक की मांग
सीएम मोहन यादव ने किया प्रचार
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सीएम डॉ. मोहन यादव ने दतिया में भव्य रोड शो किया। इससे पहले वो कुशवाहा समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, बीजेपी सांसद और उपचुनाव प्रभारी भरत सिंह कुशवाह भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह गुटबाजी में फंसी है और बांटने की राजनीति करती है। वहीं, बीजेपी का एजेंडा विकास और जनसेवा है।
बता दें कि कुशवाहा समाज दतिया में राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली माना जाता है। इस समाज के मतदाता चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
यह भी पढ़े -शिवराज सिंह ने दतिया में चुनावी रैली को किया संबोधित, कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
पटवारी ने घर-घर जाकर वोट मांगे
दूसरी तरफ, मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया के अलग-अलग इलाकों में छोटी-छोटी जनसभाएं की और घर-घर जाकर वोट मांगे। बीजेपी पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल को जनता का सपोर्ट नहीं मिल रहा है, इस वजह से वो पैसों और सरकारी मशीनरी का उपयोग कर रही है।
पटवारी के अलावा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने भी प्रचार किया। वह बजनी, रामनगर डेरा और प्रकाश नगर जैसे आदिवासी बाहुल इलाकों में प्रचार के लिए पहुंचे।
दतिया सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट इसी साल अप्रैल में खाली हो गई थी, क्योंकि धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दोषी पाया था और उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
बता दें कि 2023 में हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी के सीनियर लीडर और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7500 वोटों से मात दे दी थी।
Created On :   28 July 2026 7:19 PM IST











