कटनी: 48 घंटे बाद आई 773 की सैम्पल की रिपोर्ट में 67 पॉजिटिव

January 15th, 2022

डिजिटल डेस्क कटनी बी ते चार दिनोंं से जिले में संक्रमण की दर तेजी से बढ़ी है। जब टेस्टिंग, टे्रसिंग बढ़ाया जाना चाहिए तब सैम्पल की रिपोर्ट 48 घंटे मेंं मिल पा रही है। 12 जनवरी को जांच के लिए गुडग़ांव भेजे गए 773 सैम्पल शुक्रवार शाम 48 घंटे बाद मिली रिपोर्ट में एक साल 67 पाजिटिव आए हैं। शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग स्कूल में शुक्रवार को कोरोना विस्फोट हुआ औरयहां की 13 छात्राओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि प्राइवेट लैब में कराई जांच में पांच लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इस तरह एक दिन में 73 लोग संक्रमित हुए। तीसरी लहर में कोरोना मरीजों का सबसे बड़ी संख्या है। पिछले चार दिनों में ही जिले में संक्रमितों की संख्या 162 हो गई। 11 जनवरी को 22, 12 जनवरी को 21 एवं 13 जनवरी को 46 केस आए थे।
अब इंंदौर में होगी जांच
फ्लाईट कैंसिल होने से गुडग़ांव के बजाय अब फिर से सैम्पल जांच के लिए इंदौर भेजना शुरू किया है। इंदौर की लैब से भी 24 घंटे बाद रिपोर्ट मिल रही है।  गुरुवार शाम इंदौर भेजे गए 649 सैम्पल की रिपोर्ट का शुक्रवार शाम तक इंतजार किया जा रहा था। ज्ञात हो कि जिले में  सात जनवरी से अब तक कोरोना के 179 पॉजिटिव केस आ चुके हैं।  रैपिड एंटीजन टेस्ट से जांच बंद होने से सैम्पल की संख्या भी कम कर दी गई। 13 जनवरी तक जिन 89 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी उनमें 50 फीसदी मरीज किशोर और युवक हैं। वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमण पहुंंच चुका है।
प्राइवेट लैब पर जोर क्यों
आरटीपीसीआर जांच के लिए जिले से सैम्पल प्राइवेट लैब भेजे जा रहे हैं। जिसने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मेडिकल कालेज जबलपुर की बॉयरोलाजी लैब में जांच हो रही थी पर तीसरी लहर की शुरूआत में सैम्पल सुप्राटेक लैब इंदौर भेजे जा रहे थे। बाद में हिन्दुस्तान वेलनेस लैब गुडग़ांव सैम्पल भेजे जाने लगे। फ्लाइट रद्द होने से अब फिर सैम्पल इंदौर भेजे गए। प्राइवेट लैब से जांच के सवाल पर अधिकारियों का एक ही जवाब रहता है कि भोपाल से जो निर्देश मिलते हैं उसके अनुसार सैम्पल भेजे जाते हैं।
संदिग्धों की मॉनीटरिंग नहीं
प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया है। यहां कोरोना मरीजों एवं वैक्सीनेशन की मॉनीटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम तक 83 मरीजों से सम्पर्क किया जा चुका था। जिनकी रिपोर्ट पेंंडिंग रहती है उनकी मॉनीटरिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई सिस्टम नहीं बनाया है। बीते तीन दिनों में दो हजार से अधिक सैम्पल कलेक्ट किए जा चुके हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी के अनुसार सैम्पल लेने के साथ ही संदिग्धों को प्रोटोकॉल की जानकारी दे दी जाती है।
जीनोम सिक्वेंस भी अटकी
जिले के कोरोना मरीजों को किस वेरिएंट ने चपेट में लिया है। इसकी जांच भी नहीं हो पा रही है।  जिले के जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है उनमें वेरिएंट की जांच का अब तक पता नहीं चला है। इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.समीर सिंघई के अनुसार पॉजिटिव आने वाले मरीजों में वेरिएंट की जांच के लिए संंबंधित लैब से ही सैम्पल भेजे जाते हैं।वेरिएंट की रिपोर्ट में 8 से 10 दिन का समय लगता है। अभी किसी मरीज की जीनोम सीक्वेंस रिपोर्ट नहीं मिली है 
फैक्ट फाइल
पुरुष मरीज-59
महिला मरीज-47
13 वर्ष तक के-04
14 से 21 वर्ष के-17
22 से 40 वर्ष के-52
41 से 58 वर्ष के-18
59 से अधिक-15
(13 जनवरी तक की स्थिति)