बारिश से उफान पर जलाशय: नागपुर जिले में हैं 470 तालाब, फूटने का खतरा

July 18th, 2022

डिजिटल डेस्क,नागपुर। मूसलाधार बारिश से नदी, नाले उफान पर हैं। जिले के सभी छोटे-बड़े बांध और तालाब लबालब हो गए हैं। जलाशयों में पानी का स्तर खतरे का निशान ऊपर जाने का  मंडरा रहा है। तालाब फूटने पर आस-पास की बस्तियां डूबने का खतरा बना हुआ है। संभावित खतरे से बचने के लिए जिला परिषद ने जिले के तालाबों का स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू किया है। सीईओ योगेश कुंभेजकर ने विभाग प्रमुखों को तालाबों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

अनेक तालाबों की बरसों से नहीं हुई मरम्मत : जिले में गांव तालाब, पाझर तालाब और मामा तालाबों की संख्या 470 है, जिसमें 214 मामा यानी माजी मालगुजारी तालाब हैं। हर 10 साल में तालाबों की खुदाई कर गहराई बढ़ाने के साथ मरम्मत की जानी चाहिए, लेकिन निधि के अभाव में अनेक तालाबों की बरसों से मरम्मत नहीं हो पाई। गत सप्ताह भारी बरसात के चलते यह तालाब ओवरफ्लो हो गए। खतरे का निशान पार कर जाने पर तालाब फूटने का डर बना हुआ है। अधिकांश तालाबों के आस-पास बस्ती बसी हैं। तालाब फूटने पर गांवों मंे पानी भर सकता है। जूनापानी और कुही तहसील मेंे देवली खुर्द तालाब फूटने से भारी नुकसान हुआ। अन्य तालाब फूटने से पूर्व ही उपाययोजना करने की दृष्टि से सभी तालाबों का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जा रहा है। खतरे को न्योता दे रहे तालाबों को फूटने से बचाने के लिए आवश्यक उपाययोजना करने के निर्देश सीईओ ने दिए हैं।