विदेशी यात्रियों को अनुमति: कोविड के मामले घटने पर भारत ने विदेशी पर्यटकों को आने की अनुमति दी

November 15th, 2021

हाईलाइट

  • ब विदेशी यात्रियों को बिना अनिवार्य क्वारंटाइन के भारत आने की इजाजत होगी
  • महामारी की स्थिति में सुधार के 20 महीने बाद आया है निर्णय

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। भारत सरकार ने सोमवार को कोविड-19 मामलों में तेजी से गिरावट आने के बाद सभी विदेशी पर्यटकों को देश में फिर से प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया।

अधिकारियों के मुताबिक, अब विदेशी यात्रियों को बिना अनिवार्य क्वारंटाइन के भारत आने की इजाजत होगी। सरकार का यह कदम देश में महामारी की स्थिति में सुधार के 20 महीने बाद आया है।

भारत ने अब यूके, यूएसए, इजराइल, ब्राजील, कनाडा, ग्रीस, कुवैत, कोलंबिया, रूस और जर्मनी सहित 99 देशों के पूरी तरह से टीका लगाए गए पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी है। अनुमति उन देशों को दी गई है, जो भारतीय टीकाकरण प्रमाणपत्र को या डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्यता प्राप्त टीकाकरण कराए हुए भारतीय यात्रियों को मान्यता दे चुके हैं।

सरकार ने कहा कि केवल यह आवश्यक है कि ऐसे पर्यटक भारत आने के बाद 14 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें।

यदि किसी विदेशी पर्यटक ने टीके की केवल खुराक ली है, तो उसे हवाईअड्डों या भारत में किसी भी प्रवेश-बिंदु पर आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए जाना होगा और पॉजिटिव रिपोर्ट के मामले में सात दिनों के लिए खुद को घर तक सीमित रखना होगा और 8वें दिन दोबारा आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद वह देश में कहीं भी स्वतंत्र से घूम सकेगा।

यदि कोई व्यक्ति दूसरे आरटी-पीसीआर परीक्षण में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे अन्य आठ दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा।

इससे पहले, भारतीय अधिकारियों ने विदेशी पर्यटकों को चार्टर्ड उड़ानों के माध्यम से अनुमति दी थी और उन्हें 14 दिनों के लिए घर पर अनिवार्य संगरोध के लिए जाना पड़ता था, लेकिन अब प्रतिबंधों में ढील दी गई है।

मार्च 2020 में सरकार ने सभी विदेशी नागरिकों के वीजा निलंबित कर दिए, क्योंकि कोविड-19 महामारी तेजी से बढ़ रही थी। दिसंबर 2020 में, सरकार ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, मालदीव, यूएई, कतर, बहरीन, नाइजीरिया, इराक, अफगानिस्तान और जापान जैसे 19 देशों के साथ एक एयर बबल या एयर कॉरिडोर योजना शुरू की, ताकि भारत में फंसे यात्री अपने देश वापस जा सकें और जो भारतीय इन देशों में फंसे हुए हैं, वे भारत लौट सकें।

भारतीय अधिकारियों ने अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और ओसीआई (भारत के प्रवासी नागरिक) कार्डधारकों को यहां आने की अनुमति दी।

 

(आईएएनएस)