FlipKart को खरीदने की तैयारी में Walmart, जानिए कितने में हुई डील

FlipKart को खरीदने की तैयारी में Walmart, जानिए कितने में हुई डील

Bhaskar Hindi
Update: 2018-04-12 11:55 GMT
FlipKart को खरीदने की तैयारी में Walmart, जानिए कितने में हुई डील

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक फ्लिपकार्ट (Flipkart) अपनी हिस्सेदारी अमेरिका की सबसे बड़ी रिटेल चेन कंपनी वॉलमार्ट (Walmart) को बेच रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये डील अपने अंतिम दौर में है। माना जा रहा है कि जून तक ये डील पूरी हो सकती है। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और वॉलमार्ट दोनों ही फ्लिपकार्ट को खरीदने की दौड़ में थे, लेकिन वॉलमार्ट  फ्लिपकार्ट को खरीदने की दौड़ में आगे निकल गई है। 

फ्लिपकार्ट इसलिए वॉलमार्ट को बेचना चाहती है हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्लिपकार्ट अपनी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को इसलिए बेचना चाहती है क्योंकि कंपनी को लगता है कि वॉलमार्ट (Walmart) से डील करने पर ज्यादा निश्चितता रहेगी। कंपनी को लगता है कि वो वॉलमार्ट से आसानी से और जल्दी डील कर पाएगी। वॉलमार्ट फिलहाल भारत में ऑनलाइन सामान नहीं बेचती है। दूसरी तरफ अमेजन की भारत में सीधे फ्लिपकार्ट से टक्कर है। अगर अमेजन और फ्लिपकार्ट की डील होती है तो ये सौदा कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) में अटक जाएगा। ये डील भारत के बाजार में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के नियम से भी अटक सकती है। 

1000-1200 करोड़ का वॉलमार्ट का ऑफर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए 1000-1200 करोड़ डॉलर का ऑफर दिया है। इसे भारतीय करेंसी में बदला जाए तो यह रकम 65-78 हजार करोड़ रुपये बैठती है। वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट में 51 फीसदी हिस्सा खरीदने की योजना है। अगर यह डील हो जाती है तो अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट का सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा। वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट के दोनों पुराने और मौजूदा शेयर्स खरीदेगा, नए शेयर्स की वैल्यू कम से कम 18 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है। वहीं मौजूदा शेयर्स की कीमत 12 बिलियन डॉलर की होने की उम्मीद है। 

इन कंपनियों का फ्लिपकार्ट में निवेश
सॉफ्टबैंक ग्रुप, टायगर ग्लोबल, ईबे, एस्सेल पार्टनर, नेस्पर्स, टेंसेंट होल्डिंग और माइक्रोसॉफ्ट ने फ्लिपकार्ट में निवेश कर रखा है। माना जा रहा है कि अगर वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट की डील फाइनल हो जाती है तो फिर टायगर ग्लोबल, एस्सेल पार्टनर और नेस्पर्स अपना पूरा हिस्सा वॉलमार्ट को बेच सकते हैं। जापान की सॉफ्टबैंक भी अच्छी डील मिलने पर अपना 20 फीसदी हिस्सा बेच सकती है। वहीं फ्ल्पकार्ट और वॉलमार्ट की डील के बाद भारत में ई-कॉमर्स बाजार पर अमेरिकी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। मौजूदा समय में भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट पर फ्लिपकार्ट और अमेजन के बीच टक्कर है। इस डील के बाद फ्लिपकार्ट को अमेजन से लड़ाई में मदद मिलेगी। 

फ्लिपकार्ट से जुड़ी कुछ बातें:

  • ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के मालिक सचिन और बिन्नी बंसल हैं।
  • Flipkart शुरू करने से पहले बंसल बंधु अमेजॉन डॉट कॉम के पूर्व कर्मचारी रह चुके है। 
  • Flipkart की शुरुआत साल 2007 में की गई थी और 2015 आते आते यह एक बिलियन डॉलर का कुल राजस्व कमाने वाली कंपनी बन गई।
  • कैश ऑन डिलीवरी सिस्टम पर काम करने वाली कंपनी, जो ऑर्डर के 12 घंटों के भीतर आपके घर तक सर्विस देने का दावा करती है।
  • Flipkart की शुरुआत सिर्फ 4 लाख रुपए के साथ हुई थी। इस रकम की मदद से www.flipkart.com वेबसाइट बनाई गई थी।
  • शुरू में इसका नाम फ्लिपकार्ट ऑनलाइन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड था। 
  • ये कंपनी पहले सिर्फ बुक्स सेलिंग का काम करती थी।
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