PNB SCAM: मेहुल चोकसी की जमानत याचिका खारिज, डोमिनिका की हाईकोर्ट ने कहा- उसके फरार होने का खतरा

PNB SCAM: मेहुल चोकसी की जमानत याचिका खारिज, डोमिनिका की हाईकोर्ट ने कहा- उसके फरार होने का खतरा

Bhaskar Hindi
Update: 2021-06-12 05:05 GMT
PNB SCAM: मेहुल चोकसी की जमानत याचिका खारिज, डोमिनिका की हाईकोर्ट ने कहा- उसके फरार होने का खतरा
हाईलाइट
  • डोमिनिका की हाईकोर्ट ने मेहुल चोकसी की जमानत याचिका खारिज की
  • डोमिनिका हाईकोर्ट ने बताया मेहुल चोकसी के फरार होने का खतरा है
  • हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा मेहुल चोकसी का डोमिनिका से कोई संबंध नहीं है

डिजिटल डेस्क, रोसियू। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले (PNB SCAM) के आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) की जमानत याचिका को डोमिनिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा, डोमिनिका से उसका कोई संबंध नहीं है। उस पर कोई ऐसी शर्त नहीं लगाई जा सकती है जिससे इस बात पर भरोसा किया जा सके है कि वह फरार नहीं होगा। हाईकोर्ट ने यह भी बताया कि कैसे चोकसी ने प्रस्ताव दिया कि वह अपने भाई के साथ होटल में रहेगा, लेकिन यह एक निश्चित पता नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि उसका मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है।

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हाईकोर्ट के जज वायनाटे एड्रियन-रॉबर्ट्स ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मेहुल चोकसी को जमानत नहीं देने का फैसला किया। एंटीगुआ न्यूजरुम के मुताबिक, मेहुल चोकसी ने जमानत के लिए अदालत के सामने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए। इससे पहले चौकसी के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि एक कैरिकॉम नागरिक के तौर पर मेहुल जमानत का हकदार है, क्योंकि उस पर लगाए गए आरोप जमानती धाराओं के तहत आते हैं।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने चौकसी की जमानत का विरोध किया। सरकारी वकील का कहना था कि चौकसी फ्लाइट रिस्क पर है और इंटरपोल ने उसके खिलाफ नोटिस जारी कर रखा है। अगर उसे जमानत दी गई, तो उसके फरार होने खतरा है। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट में चोकसी के वकील ने ये तर्क देते हुए जमानत मांगी कि उनकी सेहत ठीक नहीं है। ऐसे में जमानत राशि लेकर उसे बेल दी जानी चाहिए। वहीं, डोमिनिका के प्रधानमंत्री रुजवेल्ट स्केरिट ने चोकसी को भारतीय नागरिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि अब अदालत तय करेगी कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के साथ क्या किया जाना चाहिए। 

बता दें कि हाईकोर्ट को ये तय करना है कि डोमिनिका में मेहुल चोकसी की एंट्री कानूनी थी या गैरकानूनी? साथ ही ये भी तय करना है कि पुलिस ने उसको कानूनी रूप से गिरफ्तार किया है या गैरकानूनी रूप से? इसके बाद ही चोकसी को किसी दूसरे देश को सौंपने पर कोई फैसला लिया जाएगा। वहीं मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चोकसी की जमानत को खारिज करते हुए अगली सुनवाई 14 जून को तय की है। ऐसे में अब ये देखना होगा कि हाईकोर्ट में अगली सुनवाई कब होती है। हाईकोर्ट चोकसी की जमानत याचिका पर मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले का इंतजार करती है या फिर उससे पहले ही सुनवाई कर अपना फैसला सुनाती है।

नाव के सहारे डोमिनिका में ली थी एंट्री
गौरतलब है कि मेहुल चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से अचानक गायब हो गया था। इसके बाद से एजेंसियां ​​उसकी तलाश में थीं। इसके बाद चोकसी को डोमेनिका में पकड़ा गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेहुल चोकसी क्यूबा भागने की फिराक में था। CNN-News18 से बातचीत में डोमिनिका पुलिस ने कहा था कि चोकसी को नॉर्थ डोमिनिका के ऐसे इलाके से पकड़ा गया है जहां एक भी एयरपोर्ट नहीं है। माना जा रहा है कि उसने नाव के सहारे ही डोमिनिका में एंट्री ली थी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि चोकसी को डोमिनिका की राजधानी रोज के कैनफील्ड बीच पर देखा गया था। उस दौरान वह बीच में कुछ दस्तावेजों को बहा रहा था। 

क्या है पंजाब नेशनल बैंक घोटाला
साल 2018 में पंजाब नेशनल बैंक में हुए एक घोटाले का पता चला। हीरा करोबारी मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। आरोप है कि दोनों ने बैंक के अधिकारी को रिश्वत खिलाकर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग की मदद से लगातार पैसा लिया और बाद में उसे चुकाया नहीं। बैंक के अधिकारी ने इनका कोई लेखा-जोखा नहीं रखा, ऐसे में पीएनबी की रकम कहां जाती रही किसी को पता नहीं चला। लेकिन साल 2018 में जब रकम 13,500 करोड़ तक पहुंची तब इसका खुलासा हुआ। हालांकि, भारत में बवाल होने से पहले ही मेहुल चोकसी भारत छोड़ चुका था। साल 2017 के अंत में मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और वहां पर ही बस रहा था।

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