काले धन का पता लगाने के लिए अब CVC भी करेगा आधार का इस्तेमाल

काले धन का पता लगाने के लिए अब CVC भी करेगा आधार का इस्तेमाल

Bhaskar Hindi
Update: 2018-04-01 14:49 GMT
काले धन का पता लगाने के लिए अब CVC भी करेगा आधार का इस्तेमाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। करप्ट अधिकारियों की गैर-कानूनी कमाई का पता लगाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) आधार की मदद ले सकता है। दरअसल कई तरह के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और संपत्ति सौदों के लिए आधार जूरूरी है। वहीं आधार कार्ड पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और अन्य विभागों से अटैच है, इसीलिए सीवीसी का मानना है कि आधार नंबर का इस्तेमाल कर भ्रष्ट अधिकारियों की काली कमाई तक पहुंचा जा सकता है।

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी ने रविवार को कहा ‘हमने अवधारणा पत्र तैयार किया है। साथ ही एक सॉफ्टवेयर तैयार करने के बारे में भी हम सोच रहे हैं। इसका सीधा फायदा ये होगा कि जब भी हमे किसी व्यक्ति की जांच करनी होगी तो हम दूसरे विभागों के साथ बिना किसी अड़चन के संपर्क कर सकेंगे। आधार का जरिए आवश्यक जानकारी आसानी से जुटाई जा सकेगी।

चौधरी के मुताबिक इन सूचनाओं के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि किस मकसद से संबंधित व्यक्ति ने लेनदेन किया है। इसके जरिए आय से अधिक संपत्ति का भी पता लगाया जा सकता है। चौधरी के अनुसार ब्लैकमनी पर लगाम लगाने के लिए या करप्पशन फ्री नेशन के लिए इनडिविजुअल व ऑडिटर्स का रोल भी अहम है। उन्होंने कहा पंजाब नैशनल बैंक घोटाले में व्यक्तियों या ऑडिटरों की भूमिका जैसे मानवीय पहलुओं को देखने के बाद जांच में टेक्नॉलजी का इस्तेमाल होना चाहिए।

चौधरी ने कहा कि अचल संपत्तियों और शेयरों से संबंधित वित्तीय लेनदेन के आंकड़े आयकर विभाग प्राधिकरण, पंजीकरण विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आधार को कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसे में सीवीसी कुछ केंद्रीयकृत एजेंसियों से आंकड़े जुटाने की स्थिति में है। 

उन्होंने कहा कि इसके लिए किसी तरह के सॉफ्टवेयर की तैयारियों, मानक परिचालन प्रक्रियाओं और संभवत: कुछ मंजूरियों की जरूरत होगी। इसकी तैयारी चल रही है।

 

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